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रेलवे स्टेशन पर सांसदों और अधिकारियों के रात्रि प्रोटोकॉल में दिक्कत: परिषद ने उठाई सीटीआई ऑफिस को 24 घंटे खोलने की मांग

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद रतलाम मंडल ने रेलवे स्टेशन पर मुख्य टिकट निरीक्षक (CTI) कार्यालय के समय को लेकर रेल प्रशासन के सामने एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक मांग रखी है। परिषद का कहना है कि वर्तमान में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुलने वाले सीटीआई ऑफिस को तत्काल प्रभाव से 24 घंटे (राउंड द क्लॉक) चालू किया जाए। Ac लगाकर इसे वातानुकूलित भी करने को कहा गया है। परिषद के मंडल मंत्री पुष्पेंद्र पाराशर ने इस संबंधी पत्र डीआरएम अश्वनी कुमार को लिखते हुए कहा कि जब अन्य स्टेशनों पर टीटीई लॉबी 24 घंटे खुली रहती है तो रतलाम में इसकी पालना क्यों नहीं कि जा रही।

रात्रि प्रोटोकॉल में आ रही हैं भारी दिक्कतें:- कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण सबसे बड़ी समस्या वीआईपी मूवमेंट और रात्रि प्रोटोकॉल के समय खड़ी होती है। देर रात या अलसुबह कई सांसदों, जनप्रतिनिधियों और रेलवे के उच्च अधिकारियों का स्टेशन पर आगमन या प्रोटोकॉल रहता है।

शाम 6 बजे सीटीआई ऑफिस बंद हो जाने के कारण रात्रि के समय ड्यूटी पर तैनात रेलकर्मियों को आवश्यक दस्तावेज की समस्या रहती। साथ ही सीट अलॉटमेंट, वीआईपी कोटे की क्लीयरेंस और अन्य जरूरी समन्वय स्थापित करने में भारी मानसिक और व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।मामले में जोनल महामंत्री शिवलहरी शर्मा ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के प्रोटोकॉल की कोई समय सीमा नहीं होती। तब वीआईपी मूवमेंट से सीधे जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यालय को शाम 6 बजे बंद करना समझ से परे है।

यात्रियों को भी होगी सहूलियत:- परिषद के अनुसार, सीटीआई ऑफिस केवल अधिकारियों के लिए ही नहीं। बल्कि आम यात्रियों के लिए भी आपातकालीन स्थिति में एक बड़ा सहारा होता है। रात में ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की टिकट संबंधी समस्याओं, रिफंड या बर्थ अपग्रेडेशन के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए भी इस कार्यालय का 24 घंटे खुला रहना बेहद जरूरी है।

​परिषद ने रेल प्रशासन से की ये मांगें:
– 24/7 संचालन: सीटीआई ऑफिस को 3 शिफ्टों में विभाजित कर चौबीसों घंटे चालू रखा जाए।
– अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती: कार्यभार और 24 घंटे की शिफ्ट को देखते हुए कार्यालय में पर्याप्त कर्मचारियों और मुख्य टिकट निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए।

– प्रोटोकॉल व्यवस्था में सुधार: रात के समय आने वाले वीआईपी और सांसदों के प्रोटोकॉल को सुचारू बनाने के लिए ऑफिस में नाइट-इंचार्ज की व्यवस्था हो।

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