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जीएम साहब, डबलिंग प्रोजेक्ट पूरा, यात्री सुविधा सुलभ तो कीजिए….रतलाम-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस नीमच तक बढ़ाए, सफर का समय कम करें

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम-नीमच 132 किमी दूरी तक के सेक्शन में डबल लाइन वर्किंग (दोहरीकरण) शुरू होने के बाद भी यात्रियों को रेल परिचालन में सुलभ सुविधा नहीं मिल रही है। पश्चिम रेलवे के जीएम की 5 जून को सांसदों के साथ बैठक है। मांग उठ रही कि रतलाम-भिंड-रतलाम एक्सप्रेस को नीमच स्टेशन तक बढ़ाया जाए। वहीं रतलाम-नीमच रूट पर यात्रियों के सफर के समय को कम किया जाए।
बता दें कि जीएम रामाश्रय पांडेय के साथ यात्री सुविधाओं के मद्देनजर 5 जून को मंडल परिसीमा के सांसदों की रतलाम में बैठक है।

अभी सफर के समय की बचत का लाभ नहीं:- वर्तमान में रतलाम से चित्तौड़गढ़ के बीच ट्रेनें अपने पूर्ववर्ती समय से ही संचालित की जा रही है। जबकि दोहरीकरण से रेलवे को ट्रेनों के क्रॉसिंग, गति सहित शंटिंग जैसी परेशानी से अब राहत मिल रही है।
यहां पाठकों को बता दें कि दोहरीकरण का कार्य पांच चरणों में पूरा किया गया है। इसमें रतलाम से बड़ायला चौरासी, बड़ायला चौरासी से दलौदा, वहीं नीमच से मल्हारगढ़, मल्हारगढ़ से मंदसौर और मंदसौर से दलौदा तक का खंड शामिल है। लेकिन दलौदा से मंदसौर के बीच के सेक्शन को पूरा करने में ज्यादा देरी लगी।

रेल यात्रियों को समय पर पहुंचने का लाभ मिलना जरूरी:- रेलवे के जानकार बताते हैं कि ट्रेनों की गति पहले की अपेक्षा बढ़ गई है। रेल मंडल में अधिकांश सेक्शनों का दोहरीकरण भी कर लिया गया है। क्रॉसिंग से मुक्ति मिलने लगी है। सौ फीसदी पंक्चुअलिटी भी बरकरार रखी जा रही है। बावजूद यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने का लाभ नहीं मिल रहा है। रतलाम से चित्तौड़गढ़ के बीच दोहरीकरण पूरा हो गया है। इसलिए सफर में समय की बचत व जल्दी समय पर पहुंचाने की उम्मीद है। इस सेक्शन में इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस (14802), भगत की कोठी एक्सप्रेस (17605), हल्दीघाटी एक्सप्रेस (1981) और वीरभूमि एक्सप्रेस (19315) सहित डेमू पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। ये सभी ट्रेनें 178 किमी की दूरी लगभग 3 घंटे 50 मिनट में तय कर रही हैं। वहीं भोपाल सेक्शन की बात की जाए तो लंबे समय बाद भी प्रमुख ट्रेनें 5.15 घंटे का समय पूरा कर रही है।

भिंड एक्सप्रेस का रैक दिनभर रतलाम में :- रतलाम-भिंड-रतलाम (21125-26) एक्सप्रेस सुबह 10 बजे रतलाम पहुँचती तथा शाम को 5.25 बजे रतलाम से रवाना होती है। इस बीच यह ट्रेन दिनभर रतलाम में ही खड़ी रहती है। डीआरयूसीसी मेंबर अनिल उपाध्याय का इस मामले में कहना है कि रतलाम-नीमच डबलिंग प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। इसलिए रतलाम-भिंड एक्सप्रेस को नीमच तक बढ़ाया जाएं। इस मार्ग पर कई यात्रियों को लाभ मिलेगा।
वही कांग्रेस नेता व पूर्व पार्षद पति अनिल पुरोहित ने कहा कि यात्रियों को ट्रेन परिचालन का का लाभ मिलना चाहिए। रतलाम-नीमच में ट्रेनों के टाइम-टेबल में बदलाव कर ट्रेनों को इस मार्ग से जल्दी गंतव्य तक पहुंचने के इंतजाम किए जाए। क्योंकि अब क्रॉसिंग सहित अन्य परेशानी से मुक्ति मिली है। इस मामले में पीआरओ मुकेश कुमार पांडेय ने कहा कि यात्री सुविधा के मद्देनजर जीएम की सांसदों के साथ रतलाम में बैठक होने जा रही है।

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