न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में लगभग 30,000 पदों को सरेंडर किए जाने के प्रस्ताव को लेकर पीआरकेपी (पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद) एक्शन मोड में है। प्रस्ताव के विरोध में जोनल संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा के नेतृत्व में पीआरकेपी टीम मुंबई पहुंची। चर्चगेट स्थित महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर जीएम को ज्ञापन सौंपा। शर्मा ने चेताया कि पदों की कटौती को कर्मचारियों तथा रेलवे व्यवस्था दोनों नुकसान होगा। इसलिए इस प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।

कर्मचारियों की पहले ही कमी:- धरने को संबोधित करते हुए जोनल संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा ने आगे कहा कि रेलवे में पहले से ही कर्मचारियों की भारी कमी है। ऐसे में हजारों पदों को समाप्त करने से कार्यरत कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ेगा। जिससे कार्यकुशलता के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
इस दौरान महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीर बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आवश्यक पदों का सरेंडर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलवे में जरूरत वाले पदों को समाप्त करने के बजाय उन पर नई भर्ती की जानी चाहिए। जिससे कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके।
रिक्त पदों पर भर्ती की जाएं:- तलाम मंडल कार्यकारी अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रेलवे में कारपेंटर, पेंटर, वेल्डर सहित कई तकनीकी श्रेणियों के पद लगातार समाप्त किए जा रहे हैं। इससे शेष कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ रहा है। विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
पीआरकेपी ने मांग की है कि कर्मचारियों के हितों एवं रेलवे की कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए पदों के सरेंडर की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।

ये पदाधिकारी मौजूद रहे:- प्रदर्शन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन महाप्रबंधक कार्यालय को सौंपा।
धरना-प्रदर्शन में रतलाम मंडल से सहायक महामंत्री प्रशांत पांडे, मंडल संगठन मंत्री विकास सोलंकी, मंडल कार्यकारी अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह राठौड़, एस एंड टी शाखा से धर्मेंद्र सैनी सहित शंभूपुरा इंदौर एवं विभिन्न मंडलों से आए अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
