रेल अधिकारी के बंगले पर थी ऑटोमैटिक कार… सफाई के लिए चाबी दी, ड्राइवर सलमान स्टार्ट कर शहर में घुमाने चलता बना, मार दी टक्कर
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। टॉप एंड टाउन आइसक्रीम पार्लर के सामने भारत सरकार लिखी ब्लैक कलर की जिस कार के ड्राइवर ने अभिभाषक हनुमान प्रसाद अग्रवाल (65) को टक्कर मारी थी। वह कार रतलाम दो बत्ती स्थित डीआरएम ऑफिस में कार्यरत महिला रेल अधिकारी के अधीन है। फिलहाल अधिकारी रतलाम से बाहर है। इसकी सफाई के लिए ड्राइवर सलमान को चाबी दी गई थी। लेकिन इस ऑटोमैटिक कार को लेकर वह शहर घुमाने चलता बना। आशंका है कि ऑटोमेटिक कार का अभ्यास नहीं होने से इसने अभिभाषक अग्रवाल को टक्कर मार दी। पुलिस से पूछताछ में भी ड्राइवर सलमान ने यह बयान दिया।
निधन के बाद अभिभाषक अग्रवाल का मंगलवार को भक्तन की बावड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

दरअसल डीएल 4 सीएई 9774 जिस कार से एक्सीडेंट हुआ। रेलवे के कार ड्राइवर इसे रेलवे अस्पताल के पार्किंग में अक्सर दिखाई देने की जानकारी दे रहे थे। लेकिन वहां डीएल सीरीज की ही एक और ब्लैक कलर की गाड़ी डॉ. नरेश की है। लेकिन इस कार पर भारत सरकार नहीं लिखा है।
जबकि एक्सीडेंट वाली कार असल में महिला अधिकारी के पति की है। 2007 मॉडल की यह कार अभी भी किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम है। तकरीबन 6-8 माह पूर्व इसे मुंबई से ट्रक में लोड कर रतलाम लाया गया था। इसे अधिकारी द्वारा बंगले के गैरेज में रखवाई थी। कार का उपयोग नहीं किया जा रहा था। लेकिन अधिकारी के पति का इस कार से लगाव होने पर इसे केवल साज-संभाल कर बंगले पर खड़ी कर रखी थी। इधर, विभागीय जानकारी के मुताबिक फ़िलहाल अधिकारी रतलाम से बाहर अवकाश पर है। जबकि कार की केवल सफाई के लिए इंतजाम करवाकर चाबी बाहरी ड्राइवर सलमान को सौंपी गई थी। सलमान इसे लेकर शहर में निकल गया। तभी इसने सीएसपी ऑफिस के पास हनुमान प्रसाद अग्रवाल को टक्कर मार दी।
इधर अग्रवाल की शवयात्रा झालानी कॉलोनी स्थित निवास से सुबह 11 बजे ले जाई गई। भक्तन की बावड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इसमें बड़ी संख्या में एडवोकेट सहित शहरवासी मौजूद रहे।
