अनमोल सुर सफ़र….गुलाबी ठंड में सुरों से महका गुलाब चक्कर, बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। अनमोल सुर सफ़र द्वारा जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के मंच पर ‘कराओके’ सांग्स की प्रस्तुति दी गई। गुलाब चक्कर उद्यान में आयोजित इस कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिसंबर का गुलाबी सर्द मौसम शहर के श्रोताओं के मनोरंजन में दखल नहीं डाल पाया। वे अंत तक कार्यक्रम का रस लेते रहे। पुराने एवं नए फिल्मी गीतों को अनमोल सुरोलिया, शैलेंद्र तिवारी, जयवंत गुप्ते, दलजीत सिंह संधू , राकेश बोरिया, पंकज शर्मा, सीमा सुरोलिया, सुनीता नागदे , पीहू सोमानी, गीता बौरासी और सुखबीर कौर ने अपने सधे स्वर दिए। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन अनमोल सुरोलिया ने किया। शहर के प्रख्यात गायक गिरीश शर्मा और संगीत प्रेमी पत्रकार रमेश सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रस्तुत कुछ गीत बेताब दिल की तमन्ना यही है , माना जनाब ने पुकारा नहीं, दो कदम तुम भी चलो, अगर तुम ना होते, एक मैं और एक तू, दिल की नज़र से तू मुझे जान से भी प्यारा है, मेरे सपनों की रानी, तेरी आशिकी में आदि रहे।
अंत में सभी कलाकारों ने सम्मिलित रूप से विदा स्वरूप एक आकर्षक गीत- “अच्छा तो हम चलते हैं ” रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। जिसे अनेक श्रोताओं ने अपने मोबाइल में कैद किया।
