सैलाना यार्ड रेलवे कॉलोनी की नारकीय स्थिति….महिला रहवासी बोली- डीआरएम साहब, जरा यहां आकर तो देखिए, टॉयलेट पर दरवाजा ही नहीं, कैसे उपयोग करें
-जिस क्वार्टर पर अवैध कब्जा, वहां फ्लोरिंग प्लास्टर सहित सभी काम करवा दिए।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे की सैलाना यार्ड कॉलोनी के रहवासी की स्थिति इन दिनों बद से बदतर व इनकी पीड़ा बेइंतहा हो चली है। अधिकारियों की अनदेखी के चलते कर्मचारी व इनके परिजन नारकीय जीवन जीने को मज़बूर है। हालात यह है कि टॉयलेट का दरवाजा सड़कर अलग हो गया है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते महिलाएं शर्मसार है। ऐसी ही स्थिति अन्य क्वार्टर्स की है। कहीं किचन में फ्लोरिंग का प्लास्टर अधूरा तो क्वार्टर के पीछे नालियां टूट-फुट गई है। आक्रोशित महिलाएं डीआरएम से गुहार कर रही है कि कॉलोनी में आकर स्वयं दौरा कर नर्कवाड़े से रूबरू होवे। संभव है बाद में अधिकारी नींद से जागे।
बता दें कि कॉलोनियों का मेंटेनेस ठेकेदारों के अधीन है। सैलाना यार्ड के रहवासी बताते है कि मेंटेनेस का जिम्मा ठेकेदार पुष्कर यादव पर है।
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वर्तमान एईएन पर अनदेखी के आरोप:- कर्मचारी बताते है कि पूर्व में एईएन त्रिपाठी थे। तब सुनवाई हो जाती थी। वर्तमान में एईएन वर्मा साहब ध्यान नहीं देते। पहले सड़क से क्वार्टर में प्रवेश के लिए सीमेंट की पतली पट्टी बनाई जा रही थी। पूर्व अधिकारी को समस्या बताई तो उन्होंने पूरे बाउंड्री एरिया में प्लास्टर करवाने के आदेश दिए। हालांकि चुनिंदा क्वार्टर में काम हुआ। लेकिन बाद के क्वार्टर में अधूरा काम छोड़कर चले गए।

अवैध कब्जे वाले क्वार्टर में पूरा मेंटेनेंस:- कॉलोनी की महिलाएं बताती है कि क्वार्टर नंबर 743-बी पूरी तरह अनाधिकृत है। यहां अवैध कब्जा भी रहता है। इस क्वार्टर का अधिकारी व ठेकेदार पूरा मेंटेनेंस करवा रहे है। हमारे क्वार्टर की टॉयलेट जाम है। दरवाजा भी नहीं है। टाइल्स टूट चुकी है। इस कॉलोनी के जिन क्वाटर्स में कर्मचारी व इनके परिजन रह रहे है। वहां मेंटेनेस में लापरवाही बरती जा रही है। इसकी शिकायत भी की गई। लेकिन कोई ध्यान नही दे रहा है। खाली एरिया में गाजरघास सहित बड़ी बड़ी झाड़ियां फैल गई है। लोग शराब पीते है व जुआं खेलते है।
इन रहवासियों की यह पीड़ा
-मकान क्रमांक.741/ए. सीमा वर्मा बताती है कि हमारे घर में जो टाइल्स लगाई है, वह डैमेज व ऊंची-नीची हो रही है। किचन अधूरा छोड़ दिया है। पट्टी भी नहीं लगाई गई।
-मकान नंबर.741/बी.नीकिता मीना ने बताया कि मकान के पीछे नाली की समस्या है। बल्कि नाली ही गायब है। क्वार्टर में अधूरा काम करके रोक दिया है।
-मकान क्रमांक.743/ए के रहवासी राजेश ने बताया कि क्वार्टर के पीछे कोट्रीयर्ड में कोटा स्टोन करने का बोला था। डेढ़ महीने से खुला पड़ा हुआ है। मकान में कोई काम नहीं कर रहे हैं। आगे की फेंसिंग भी बाकी है।
-मकान क्रमांक 746/बी निवासी अंबिका जी. का कहना है कि बाथरूम के दरवाजे खराब हो गए है। किचन की टाइल्स अभी भी अधूरी है। बाथरूम की टाइल्स भी ऐसी ही स्थिति में है। अधिकारी में काम अधूरा ही छुड़वा दिया है।
-इसी तरह से मकान नंबर 383 निवासी योगिता साक्य, 242 ई निवासी नेहा व मकान नंबर 740 निवासी तनुज कुमार बताते है हमारे क्वार्टर पर भी टॉयलेट का दरवाजा नहीं है। साथ ही क्वार्टर के अन्य काम भी अधूरे पड़े है।
इनका यह कहना है
कुछ लोग गलत जानकारी दे रहे है। बारी-बारी से क्वाटर्स के काम किए जा रहे है। इसमें समय लगता है।
श्यामसुंदर वर्मा, एईएन वर्क्स, रेल मंडल रतलाम।
