
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। पुस्तके, ज्ञान और जानकारी का ऐसा स्रोत है जो हमारी संस्कृति को समझने, कल्पना का विस्तार करने एवं अतीत ,वर्तमान और भविष्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।
यह बात जवाहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य मंजूलता जादौन ने विश्व रंग पुस्तक यात्रा के रतलाम आगमन पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। आइसेक्ट अधिकारी अभिजीत चौबे ने कहा कि पुस्तके हमारी सबसे अच्छी मित्र होती है जो हमारी सृजनात्मकता एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देती है। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पुस्तक हमारी सामाजिक चेतना एवं सांस्कृतिक विरासत के ज्ञान व संस्कृति को दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनती है। शिक्षिका विनीता ओझा ने बताया कि पुस्तके हमारे नैतिक मूल्यों का विकास, व्यक्तिगत विकास एवं जीवन कौशल को विकसित करने में सहायक होती है। आइसेक्ट के विकास त्यागी, स्वप्निल शर्मा ,माधव सिंह मौर्य ने भी अपनी बात रखी एवं विद्यार्थियों को पुस्तक एवं शैक्षणिक सामग्री निशुल्क प्रदान की। कार्यक्रम में कविता डिक्रूज, राधा मालवीय, कीर्ति चावला ,खुशबू गुप्ता, दातार सिंह शक्तावत, रितेश कुमार निगम, बादर सिं गार्, विश्वास पांडे ने भी पुस्तकों का महत्व बताया।
