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नाटकीय पटाक्षेप… तीन माह बाद भी रेल अफ़सर को दुष्कर्म मामले में एफआईआर की जानकारी नहीं, आरोपी ट्रैकमैन ने ज्वाइन किया, विभागीय परीक्षा दी और ले ली सिक

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। महिला के साथ रैप के मामले में तीन माह पूर्व नाहरपुरा निवासी रेलवे ट्रैकमैन अजहर खान पिता अफ़ज़ल खान के खिलाफ स्टेशन रोड पुलिस थाना में दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज हुआ था। ट्रैकमैन ने शुक्रवार को एक दिन के लिए रेलवे के इंजीनियर विभाग में ज्वाइन किया। रविवार 21 सितंबर 2025 को असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा में शामिल भी हुआ। लेकिन एक दिन बाद वह सिक पर चला गया। इस मामले के नाटकीय पटाक्षेप में हैरत की बात है कि रेलवे रिकॉर्ड में इसे केवल अनुपस्थिति माना लिया गया। रेलवे के जिम्मेदारों को यह भी पता नहीं कि उनके अधीनस्थ किसी कर्मचारी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज है। हालांकि आरोपी को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने की बात सामने आई है। लेकिन प्रकरण दर्ज होने के बाद से रेलवे ट्रैकमैन अजहर पेश नहीं हुआ है। नहीं उसके बयान हुए। ऐसे में पुलिस अब कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।
बता दें कि रेलवे ट्रैकमैन अजहर मूलतः रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियरिंग पीवे (नॉर्थ) के अधीन कार्यरत है। इसे डीआरएम ऑफिस के ड्राइंग सेक्शन में नियुक्त कर रखा था। आरोपी अजहर खान को लेकर महिला के परिजनों की सूचना पर स्टेशन रोड पुलिस थाना में 30 जून को प्रकरण दर्ज किया था। इसी मामले को लेकर उसके साथ डीआरएम ऑफिस के बाहर मारपीट भी हुई।

रेलवे अस्पताल से दिया फिट:- ट्रैकमैन अजहर को उपचार के बाद रेलवे अस्पताल से डॉक्टर ने फिट सर्टिफिकेट दिया। इस आधार पर शुक्रवार को वह रेलवे में ज्वाइन करने पहुंचा था। अभी भी दोनों हाथों में मेडिकली पट्टी थी। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी का कहना है कि उन्हें इसके पुलिस प्रकरण की जानकारी नहीं है। इसके बारे में थाने से भी कोई जानकारी हमारे पास नहीं आई। ऐसे में इससे लिखवाकर ड्यूटी पर लिया गया कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण नहीं है। बड़ी बात यह भी है कि दुष्कर्म का मामला उस दौरान मीडिया की सुर्खियों में रहा। ट्रैकमैन इतने दिनों तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहा। बावजूद विभाग द्वारा कोई नोटिस जारी किए जाने की भी बात सामने नहीं आई। ट्रैकमैन ने ज्वाइन कर बकायदा असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा दी। इसके बाद वह उपचार के लिए सिक पर उतर गया।
मामले में पुलिस थाना स्टेशन रोड टीआई स्वराज डाबी का कहना है कि प्रकरण दर्ज होने के बाद से अजहर पेश नहीं हुआ है। इसलिए बयान नहीं हो सके कि वह कहां काम करता है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। लेकिन पुलिस संबंधी कार्रवाई की जा रही है।

यह था पूरा मामला:- पीड़िता ने घटना में पुलिस को शिकायत में बताया था कि वह संजीवनी अस्पताल में सपोर्ट स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ थी। कोविड की ड्यूटी के समय से आरोपी को पहचानती थी। आरोपी क्लीनिक पर आया और उसे बोलने लगा कि उसे कुछ बात करनी है। उसे क्लीनिक के अंदर वाले कमरे में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। शिकायत के आधार पर अजहर के खिलाफ स्टेशन रोड पुलिस थाना पर दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया गया था। हालांकि उस दौरान रतलाम में अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी के तर्कों को सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने आरोपी अजहर खान के अग्रिम जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया था।

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