भुगतान वार्ता की सफलता…. रेलवे रिटायर्ड कर्मचारियों को नोशनल इंक्रीमेंट का लाभ, पीपीओ संशोधन एवं एरियर भुगतान से मिला बड़ा फायदा
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल के रिटायर्ड कर्मचारियों को जल्दी ही बढ़ी हुई पेंशन की प्रकिया अतिरिक्त इंक्रीमेंट का लाभ मिलेगा। यहां 1423 कर्मचारी जून अथवा दिसम्बर में सेवानिवृत्त हुए है। इनमें से 384 कर्मचारी भले ही इस लाभ के लिए अपात्र पाए गए। लेकिन बाकी रिटायर्ड को इसका लाभ मिलना तय है।
पश्चिम रेलवे मजदूर संघ एवं एनएफआईआर के प्रयासों से 30 जून एवं 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को एक अतिरिक्त “नोशनल इंक्रीमेंट” का लाभ प्रदान किया गया है। इसके पश्चात संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी होने एवं एरियर भुगतान से बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्तीय राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम रेलवे मुख्यालय स्तर पर महामंत्री आर. जी. काबर द्वारा इस विषय पर पत्र लिखकर पहल की गई थी। पीएनएम बैठक में मामले को प्रमुखता से उठाया गया। रतलाम मंडल में मंडल मंत्री अभिलाष नागर एवं मंडल अध्यक्ष प्रताप गिरी ने भी लगातार इस मुद्दे को भुगतान वार्ता के मंच पर उठाया। साथ ही एनएफआईआर की पहल पर संबंधित पेंशन संगठन PAR के महामंत्री अशोक बक्शी, रतलाम मंडल मंत्री रफीक मंसूरी एवं मंडल अध्यक्ष भटनागर ने भी इस प्रकरण को आगे बढ़ाया। इन कार्यवाहियों के बाद रतलाम मंडल ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम रेलवे में कुल 5720 मामलों पर कार्रवाई की गई है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों को उनके अधिकार के अनुसार अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ है। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के मंडल मंत्री एवं मंडल अध्यक्ष द्वारा पर्सनल विभाग ( सेटलमेंट ) एवं अकाउंट्स विभाग के कर्मचारियों की उक्त कार्य के लिए प्रशंसा की गई है कि उनके द्वारा तय समय पर उत्कृष्ट कार्य करते हुए इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेटलमेंट एवं पीपीओ जारी किए है।
रेलकर्मी संगठनों ने इस उपलब्धि को सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत करार दिया है और इसे लंबे संघर्ष का प्रतिफल बताया है।
रतलाम मंडल में स्थिति :-
-कुल 1423 कर्मचारी जून अथवा दिसम्बर में सेवानिवृत्त हुए।
-इनमें से 384 कर्मचारी इस लाभ के लिए अपात्र पाए गए।
-शेष 1039 कर्मचारी नोशनल इंक्रीमेंट एवं PPO संशोधन के लिए पात्र घोषित हुए।
-707 मामलों में अकाउंट्स को पे फिक्सेशन हेतु भेजा गया।
-इनमें से 704 मामलों में फिक्सेशन की कार्यवाही की जा है।
-अब तक 211 PPO संशोधित कर अकाउंट्स विभाग जारी कर चुका हैं।
-शेष 426 मामलों में पीपीओ संशोधन की प्रक्रिया पर्सनल विभाग में प्रक्रिया चल रही है।
