न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। सेवानिवृत्ति कार्य का समापन नहीं, बल्कि कार्य का रूपांतरण है। यह जीवन के उन महत्वपूर्ण पड़ाव में से एक है, जो एक अध्याय का अंत और दूसरे का आरंभ करता है।
यह बात शासकीय जवाहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य मंजू लता जादौन ने शिक्षक बालक दास बैरागी की सेवानिवृत्ति के अवसर पर कही। राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि आपकी प्रकृति में शिक्षा की प्रगति के लिए जो अदम्य प्रवृत्ति थी। वह हमें प्रेरणा एवं आत्म बल प्रदान करेगी। शिक्षिका वंदना वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आप शिक्षा के पुरोधा रहे। जिन्होंने संजीदा रहकर शिक्षा को नए आयाम दिए। वहीं हर्षद भटनागर ने कहा कि आप शिक्षा के अग्रदूत रहे। जिन्होंने आत्म प्रभुत्व व आत्म नियंत्रण से शिक्षण कार्य पूर्ण किया।कार्यक्रम में शिक्षक का स्वागत मिथिलेश मिश्रा, राधा मालवीय, वंदना वर्मा, दातार सिंह शक्तावत, कविता डिक्रूज, कीर्ति बाला यादव,विनीता ओझा, कविता सिसोदिया, कीर्ति चावला, हर्षद भटनागर, विश्वास पांडे, मनीषा सरयाम, इंदर सिंह सोलंकी, रवि कुमार मोदी, रितेश कुमार निगम, मीनाक्षी हरोड़, धरती उपाध्याय, चारुलता श्रीवास्तव, सीमा पोरवाल, मणिपुष्पक रायगोड़, दिनेश मैईड़ा, बादर सिंगाड़, विजय पांचाल,कृष्ण कुमार, राकेश पांचाल, सतीश कुमार सोलंकी,ऋषिकेश राठौर आदि ने किया। कार्यक्रम का संचालन विनीता ओझा ने किया। आभार कविता सिसोदिया ने माना।
