न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे ट्रेड यूनियन की राजनीति के पर्याय व प्रतिनिधियों के बीच पितामह माने जाने वाले कॉमरेड गोविंदलाल शर्मा मंगलवार को वैकुंठधाम में विलीन हुए। उनका सोमवार शाम को निधन हो गया था। इन्हें अंतिम बिदाई देने बड़ी संख्या में ट्रेड यूनियन नेता, रेल कर्मचारी सहित शहरवासी उमड़े। चारों बेटियों ने भी अर्थी को कांधा दिया। बल्कि अंतिम संस्कार की प्रकिया में पुत्रवत भूमिका निभाई।
बता दें कि 1.12.1954 में रेल सेवा से जुड़े कॉमरेड शर्मा की पहचान वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन जैसे मजबूत रेल कर्मचारी संगठन से रही है। उन्होंने मंडल स्तर सहित केंद्रीय बॉडी में कई पदों पर रहते

कर्मचारियों के हितों की बखूबी लड़ाई लड़ी। 60 साल की राजनीति में 40 साल रतलाम मंडल में मंडल मंत्री रहे। इस दरमियान संगठन की मजबूती के साथ-साथ कॉमरेड शर्मा का कद व लोकप्रियता भी बढ़ती गई। वर्ष 2009 में रतलाम में हुए यूनियन के अधिवेशन में निकाली गई रैली उनकी लोकप्रियता की पुख्ता सबूत रही। हालात ऐसे बने कि रेलवे स्टेशन से रैली शुरू हुई थी। अगला छोर दो बत्ती तक जा पहुंचा था,तब तक भी स्टेशन से रैली का काफिला खत्म नहीं हुआ था। रेल प्रशासन के साथ बैठकों में कई तथ्यात्मक बिंदुओं पर वे अड़कर व अपनी बात मनवाकर कर्मचारियों के प्रमुखता से काम करवाते रहे।
कॉमरेड शर्मा के दामाद सीटीआई अभय कौशिक ने बताया कि सोमवार शाम करीब शाम 5.20 बजे परिजनों के साथ चाय पीते वे चर्चारत थे। अचानक हार्टअटैक आने पर इन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित किया।

सोमवार को अंतिम यात्रा उनके निवास इंदिरा नगर से निकाली गई। इसमें सभी रेल सहित अन्य सरकारी संगठनों के लोग सहित आमजन शामिल हुए। इनके बेटे अविनाश शर्मा, यूनियन की केंद्रीय उपाध्यक्ष सीमा कौशिक सहित तीन अन्य पुत्रियों ने मुखाग्नि दी।
शोकसभा को यूनियन के महामंत्री जेआर भोसले, एडवोकेट रामस्वरूप गुर्जर, भाजपा नेता मनोहर पोरवाल, कॉमरेड अश्विनी शर्मा सहित अन्य रेल कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
