
– रेल सेवा से आज सेवानिवृत्त होंगे रेलवे सीएमआई विक्रम अवार्डी संजय वशिष्ठ
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम शहर में आम लोगों व इष्टमित्रों के बीच ‘मामा’ नाम से पहचाने जाने वाले रेलवे सीएमआई संजय वशिष्ठ देश-विदेशों में बास्केटबॉल खेल में गुरू वशिष्ठ भी कहलाए गए। भले ही ये 40 साल की रेल सेवा से 31 जुलाई 2025 गुरुवार को सेवानिवृत्त हो रहे है। लेकिन बास्केटबॉल जैसे खेल से पहचान व नौकरी मिलने के बाद वशिष्ठ ने ताउम्र खिलाड़ियों की कोचिंग में जुटे रहने का प्रण लिया है। पिछले दिनों ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्हें सम्मानित किया था।
वशिष्ठ के खेल की बात करें तो वर्ष 1979 से इन्होंने बास्केटबाल खेलना शुरू किया था। अपनी उम्दा कद-काठी व बेहतर हुनर के चलते कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सफलता का परचम फहराया है। उनके नेतृत्व में पश्चिम रेलवे बास्केटबाल टीम ने कई उपलब्धियां हासिल की है। सीनियर डीसीएम हिना केवलरामानी सहित स्टाफ ने स्वागत कर सम्मानित किया।

ऐसा रहा मामा से गुरु वशिष्ठ बनने का सफर:- वर्ष 1981 में हैदराबाद में स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में शामिल। वर्ष 1982 में इंदौर में जूनियर नेशनल प्रतियोगिता से भारतीय बास्केटबॉल टीम में चयन। वर्ष 1983-84 में सऊदी अरब में बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम का सदस्य। वर्ष 1983-84 में अमेरिका की बास्केटबॉल टीम के विरुद्ध मैच। सीरिया में भारतीय टीम के सदस्य रहे। वर्ष 1985 में पश्चिम रेलवे मुंबई में रेलवे में खेल कोटे में नौकरी ज्वाइन की।
वर्ष1987 में विश्व रेलवे स्पर्धा नई दिल्ली में कांस्य पदक जीता। वर्ष 1985-87 तक भारतीय रेलवे टीम तथा 1985-1995 पश्चिम रेलवे बास्केटबॉल टीम के सदस्य रहे। वर्ष 1996-2002 पश्चिम रेलवे महिला बास्केटबॉल टीम के सहायक कोच व मैनेजर, वर्ष 2002-2021 तक पश्चिम रेलवे पुरुष टीम के कोच थे। 4 फेडरेशन कप प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
वर्ष 1990 मध्य प्रदेश शासन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा कार्यकाल में सर्वोच्च खेल पुरस्कार विक्रम पुरस्कार से सम्मानित। वर्ष 2023-2024 भारतीय रेलवे चयन समिति सदस्य। वर्ष 2024 -25 भारतीय बास्केटबॉल जूनियर एवं यूथ टीम चयन समिति के सदस्य नियुक्त किए गए।
