न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। यह है, रतलाम शहर के नगर निगम अधीन मीराकुटी का एरिया…. चारों ओर कीचड़ से सना, बारिश में लोग हाल-बेहाल…। घुटनों के नीचे तक कीचड़, दो कदम चलना, निकलना मुश्किल…। जिम्मेदारों की लापरवाही चरम पर है। शहरी क्षेत्र ने जैसे ठेठ ग्रामीण एरिया की शक्ल ले ली है।
हालांकि दुश्वारियां आम दिनों की है। लेकिन शनिवार को एक परिवार पूरे सिस्टम को कोसता-कराहता रहा। घर में गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही। एम्बुलेंस बुलवाई गई तो वह निकलकर घर तक नहीं पहुंचा पाई। दूसरे इतंजाम किए गए।
यह नज़ारा वार्ड क्रमांक 2 से जुड़ा है। इसलिए लोगों ने पार्षद कविता सुनील महावर से परेशानी दूर करने की गुहार लगाई। इनसे जल्दी ही सुधार की बात कह दी गई।
रहवासियों की सहायता भी काम न आई:- मीराकुटी क्षेत्र में रहवासी शोएब की पत्नी नजमा की डिलीवरी का वक्त था। परेशानी बढ़ी तो परिजनों ने अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस बुलवाई। आनन-फानन पड़ोसी इकठ्ठा हुए। एम्बुलेंस को रास्ता दिखाने आगे आए। चारों ओर कीचड़ होने से एम्बुलेंस निकल ही न पाई। रहवासियों का कहना है कि एरिया बद से बदतर बन गया है। बारिश में ही सिवरेज का काम शुरू करना था। आखिर एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को जद्दोजहद करना पड़ी।
इधर मामले में वार्ड पार्षद कविता सुनील महावर का कहना है कि आज रविवार से मुरम डालने का काम शुरू किया है। समस्या दूर ओ जाएगी।
