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आंखें मूंदे बैठे थे, अब जाकर खुली….रेलवे डॉक्टर के नाम रहे बंगले के आउट हाउस पर कब्जा, शिकायत के बाद पहुंची पुलिस

-क्वार्टर्स में अनाधिकृत कब्जे, गोदाम तथा स्टोर के रूप में उपयोग।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे कॉलोनी में शासकीय क्वार्टर्स के कब्जे के बाद इनका उपयोग रेलवे से जुड़े ठेकेदारों के गोदाम, जुआ सट्टा संचालन तथा कैंटीन की खानपान सामग्री रखने में स्टोर के रूप में लिया जा रहा था। अब बंगले पर आउट हाउस पर रहने वाले व्यक्ति अधिकारी का तबादला होने के बाद भी जबरन ठसे हुए है। हालांकि इसकी शिकायत के बाद शुक्रवार को पुलिस ने ही आउट हाउस खाली करवाया गया। लेकिन अन्य क्वार्टर्स की समस्या यथावत है।
मालूम हो कि रेलवे को क्वार्टर्स पर कब्जों की सूचना के बाद अधिकारियों द्वारा संयुक्त जांच जरूर की जाती है। लेकिन तेज गर्मी या ऑफिस के काम के बहाने यह प्रकिया केवल दस्तावेजी खानापूर्ति तक सिमट जाती है। यही वजह है कि अभी भी बड़ी संख्या में क्वार्टर बाहरी लोगों के कब्जे में है।

बंगला नंबर 1685 के आउट हाउस पर था कब्जा

ताजा मामला न्यू रेलवे कॉलोनी स्थित
बंगला नंबर 1685 के आउट हाउस को लेकर है। यहां पूर्व में रेलवे अस्पताल में कार्यरत डॉ. हरिचरण रहते आए। बताया जा रहा कि उनका अब तबादला हो गया। पीछे बने आउट हाउस में एक महिला बंगले पर काम करती थी। साथ में उसका भाई अर्जुन मईडा भी रहकर शहर में ड्राइविंग का काम करता था। डॉक्टर के जाने के बाद महिला चली गई। लेकिन भाई अर्जुन ने आउट हाउस पर कब्जा जमा लिया। इसे लेकर शिकायत हुई। इसके बाद जिम्मेदार जागे। शुक्रवार को सुबह पुलिस ने इससे आउट हाउस खाली करवाया। इधर, मामले में पीआरओ खेमराज मीना का कहना है कि रेलवे क्वार्टर्स की नियमित जांच पड़ताल करवाई जाती है।

लगातार उतार रहे क्वार्टर पर सीमेंट

यहां इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों की रहम ठेकेदारों के लिए मेहरबानी तथा कर्मचारियों के लिए परेशानी साबित हो रही है। कर्मचारियों के शासकीय क्‍वार्टर को मेंटेनेस के नाम पर खाली करवाया गया। उसी क्‍वार्टर में ठेकेदार की निर्माण सामग्री रखने के लिए मौन मंजूरी दे दी। इसमें बकायदा लगातार ट्राले से भरकर लाई जा रही सीमेंट उतारी जा रही हैं। यह न्‍यू रेलवे कॉलोनी के सांस्‍कृतिक सभागृह के एरिया में स्थित क्वार्टर है। निर्माण सामग्री के अलावा रंग रोगन के लिए बड़ी मात्रा में पेंट्स भी रखा है।

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