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मजदूर संघ में नई नियुक्तियों के तकरार, अध्यक्ष पद को लेकर संशय बरकरार

-युवा लॉबी को मौका देने पर संगठन के वरिष्ठों में असंतोष।

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ में नई नियुक्तियों को लेकर अब वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी में असंतोष फैलने लगा है। एक ओर तकरार बढ़ने लगी है। वही अगस्त में वर्तमान अध्यक्ष की सेवानिवृत्ति के बाद आगामी मंडल अध्यक्ष पद को लेकर अभी भी संशय बरकरार है।

पिछले दिनों मजदूर संघ के मंडल मुख्यालय से पत्र जारी कर महामंत्री आरजी काबर की मंजूरी के लिए भेजा गया था। इसमें कुछ नामों को नई नियुक्ति के तहत पद सौंपने संबंधी ज़िक्र किया गया था। हालांकि यह पत्र सार्वजनिक हो गया था। तब दबी जुबान से विरोध के स्वर सुनाई दिए थे कि संगठन द्वारा हाल ही में रेलवे में नियुक्त हुए युवा पदाधिकारी को आगे बढ़ाने तथा वरिष्ठ को दरकिनार किया जा रहा है। बाद में यह भी बात सामने आई कि महामंत्री को भेजे गए प्रस्ताव पर फिलहाल कोई कार्यवाही नही होगी। बल्कि स्थिति को यथावत रखा जाएगा। अब यह विरोध फिर से मुखर होने लगा है।

कुछ नामों पर सहमति, कुछ का विरोध

संगठन द्वारा जारी नई नियुक्ति के आदेश में कार्यकर्ता व पदाधिकारी के बीच मिलीजुली प्रतिक्रिया आ रही है। फिलहाल किसी ने खुलकर आपत्ति दर्ज नही कराई न ही इसके बारे में संगठन को लिखित में अपनी बात रखी है। लेकिन आम चर्चा है कि कार्यकर्ता व पदाधिकारियों को कुछ नई नियुक्ति पर सहमति है। जबकि चुनिंदा नाम पर घोर आपत्ति है।

अध्यक्ष पद के दावेदारों को दे दिए निचले पद

नई नियुक्ति में वे नाम भी शामिल है जो आगामी मंडल अध्यक्ष पद की नियुक्ति के लिए दावेदारी में जुटे थे। नई नियुक्ति में प्रताप गिरि को मंडल उपाध्यक्ष व चैतन्य चौधरी उज्जैन को संयुक्त मंडल मंत्री पद दिया गया। इन दोनों के नाम आगामी अध्यक्ष पद के लिए खूब चर्चा में थे। इसके लिए स्वयं इनकी दावेदारी ठोकी जा रही थी। साथ ही महेन्द्र सिंह गौतम को सहायक मंडल मंत्री व गौरव संत को केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। इनकी नियुक्ति को पहले ही संभावित मानी जा रही थी। इसी तरह राजेन्द्र चौधरी को मंडल कोषाध्यक्ष पद दिया गया। इनकी नियुक्ति फ़िलहाल वरिष्ठ पदाधिकारियों में बहस का विषय बनी हुई है।

पदाधिकारियों द्वारा चुटकियां ली जा रही है कि मंडलीय नियुक्तियों में भले ही प्रस्ताव मध्यप्रदेश के मंडल मुख्यालय से भेजा गया। अमल महाराष्ट्र स्थित केंद्रीय मुख्यालय से किया गया। लेकिन इसमें रतलाम मंडल से जुड़े गुजरात राज्य से बखूबी रहा है।

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