रतलाम में रेलवे खेल परिसर की बिजली काटे जाने पर गरमाई सियासत; अधिकारियों की आपसी खींचतान में अंधेरे में अभ्यास करने को मजबूर खिलाड़ी
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। दीपावली पर जहां रतलाम शहर रोशनी में जगमगाने लगा है। वही पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में इन दिनों रतलाम डिवीजन स्पोर्ट्स एसोसिएशन (आरडीएसओ) के अधीन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इन दिनों अंधेरे में डूबे रहने लगे है।
दरअसल रतलाम डिवीजन स्पोर्ट्स एसोसिएशन (आरडीएसओ) से जुड़े दो अधिकारियों की खींचतान का खामियाजा इन खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है। बिजली बिल बकाया होने का हवाला देते हुए सीनियर डीईई (पावर) के आदेश पर इन खेल परिसरों की बिजली लगातार काटी जा रही है। इस कार्रवाई से खिलाड़ियों के अभ्यास पर बुरा असर पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?:- सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले बास्केटबॉल ग्राउंड की बिजली काटी गई थी। मंगलवार शाम को डीआरएम ऑफिस के पास स्थित बैडमिंटन कोर्ट की बिजली कनेक्शन के तार भी लाइनमैन द्वारा काट दिए गए। डीआरएम ऑफिस स्थित बैडमिंटन हॉल का भी 10 हजार रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है। जबकि आरपीएफ ग्राउंड की बिजली तो पिछले एक साल से बकाया है। यहां भी बड़ी संख्या में क्रिकेटर अभ्यास के लिए आते है। इस कार्रवाई में वालीबॉल ग्राउंड की बिजली भी काटने की कार्रवाई की गई थी। जिसे बाद में अधिकारियों के विशेष आग्रह पर जोड़ दिया गया।
अधिकारियों की आपसी खींचतान की चर्चा:- इस पूरी बिजली कटौती के पीछे आरडीएसओ के सचिव (सेक्रेटरी), सीनियर डीईएन कोर्डिनेशन पीयूष पांडेय और संयुक्त सचिव (ज्वाइंट सेक्रेटरी) सीनियर डीईई (पावर) धर्मेंद्र प्रजापति के बीच आपसी खींचतान को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि धर्मेंद्र प्रजापति खुद उसी आरडीएसओ एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारी (ज्वाइंट सेक्रेटरी) हैं। जिसके खिलाफ उनके ही विभाग द्वारा बिजली काटने की यह कार्रवाई की गई है। चर्चा है कि स्पोर्ट्स एसोसिएशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में सचिव द्वारा संयुक्त सचिव को संज्ञान में नहीं लिया जाता। जिसके कारण यह विवाद पैदा हुआ है। हालांकि, डीआरएम अश्वनी कुमार का झुकाव सचिव पीयूष पांडेय की तरफ ज्यादा बताया जा रहा है। सेफ़्टी से जुड़े कई मामलों में इन्हें बचाया जा रहा है। लेकिन खेल गतिविधियों में बाधा का खामियाजा अंततः उभरते हुए खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
एक तरफ अंधेरा, तो दूसरी तरफ रोशनी में खेल का आनंद:- खिलाड़ियों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश और निराशा है कि एक तरफ जहां सामान्य खेल मैदानों पर बिजली कटने से उन्हें अंधेरे में अभ्यास करने में कठिनाई हो रही है। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी खुद रोशनी से जगमगाते परिसरों में खेलों का आनंद ले रहे हैं।
बहरहाल, प्रशासनिक अधिकारियों की इस खींचतान के बीच रतलाम के युवा खिलाड़ियों का भविष्य और उनकी खेल प्रैक्टिस दांव पर लगी हुई है, जिस पर विभाग को नरमी बरतते हुए जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता है।
