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बेटे ने पिता की मेहनत को किया सार्थक….पिता बांटते हैं अखबार, बेटे ने हासिल की MBBS सीट

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। पिता सुबह 5 बजे पिता निकलते हैं अखबार बांटने। सपना था कि बेटा पढ़ लिखकर ऊंचा मुकाम हासिल करें। पिता की इस उम्मीद को साकार करने बेटे ने प्रण लिया। अपनी मेहनत और जुनून से इसने डॉक्टर बनने का सपना आखिर साकार कर ही लिया।
यह सफलता की बानगी संघर्ष और मेहनत के बीच पले-बढ़े अरशान अली, पिता हैदर अली की है। इसने NEET-2026 में लक्ष्य हासिल कर अपने परिवार का सपना साकार कर दिया। अरशान ने शासकीय मेडिकल कॉलेज मंदसौर (GMC Mandsaur) में MBBS की सीट प्राप्त की है।
अरशान के पिता हैदर अली रोज सुबह करीब 5 बजे उठकर रेलवे स्टेशन जाते हैं। वहां से अखबार लेकर वे घर-घर जाकर अखबार बांटते हैं। पिता की यह मेहनत अरशान के लिए हमेशा प्रेरणा बनी। उन्होंने पिता के संघर्ष को करीब से देखा और उसी को अपनी ताकत बनाकर डॉक्टर बनने के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।
अरशान ने बताया कि उनके पिता की मेहनत ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मन में एक ही बात रहती थी कि जब पिता परिवार के भविष्य के लिए इतनी मेहनत कर सकते हैं, तो मुझे भी अपने सपने को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत करनी चाहिए।
अरशान की NEET तैयारी को अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की टीम ने सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के माध्यम से दिशा दी। कड़ी मेहनत, निरंतर पढ़ाई और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बल पर उन्होंने NEET-2026 में सफलता प्राप्त की और अब मंदसौर के शासकीय मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई करेंगे।
अरशान का कहना है कि कोई भी सपना असंभव नहीं होता। सही मार्गदर्शन, जुनून और लगातार मेहनत के साथ लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके लिए पिता की मेहनत सबसे बड़ी प्रेरणा रही।
एक ओर पिता रोज सुबह अखबारों का बंडल लेकर घर-घर पहुंचते रहे। दूसरी ओर बेटा किताबों के साथ अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में जुटा रहा। आखिरकार अरशान की सफलता ने पिता हैदर अली के संघर्ष को गर्व में बदल दिया। यह कहानी बताती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, मेहनत और हौसले के आगे सपनों की राह आसान हो सकती है।

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