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रेलवे में अवैध वेंडरों पर सख्त कार्रवाई… टीटीई भी करेंगे जांच, करेंगे कंट्रोल में ख़बर, यात्रियों से भी सूचना देने की अपील

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम/कोटा। ट्रेनों में अवैध वेंडर और फेरीवालों पर रेलवे ने अब मंडलवार सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। कोटा मंडल ने इसकी अगुवाई की है। इसके लिए कोटा में टिकट चेकिंग स्टाफ को भी धरपकड़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अवैध वेंडर्स, फेरी वालों और अनधिकृत विक्रेताओं की जानकारी टीटीई सीधे कंट्रोल रूम और आरपीएफ को देंगे। ऐसी ही तैयारी अब रतलाम मंडल में भी है।
कोटा के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन का कहना है कि ट्रेनों में खाद्य सामग्री बेचने वालों के पास क्यूआर कोड युक्त मानकीकृत पहचान-पत्र होना अनिवार्य है। इस पहचान पत्र के अभाव में अब कोई भी वेंडर ट्रेन में किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री नहीं बेच सकेगा। हालांकि रतलाम मंडल में क्यूआर कोड के इंतजाम पहले से है। लेकिन जांच के अभाव  व इसकी आड़ में धड़ल्ले से अवैध वेंडिंग जारी है।

कोटा में यात्रियों के लिए भी मुनादी:- में नई व्यवस्था के मुताबिक ड्यूटी के दौरान टीटीई ऐसे वेंडरों पर निगरानी रखेंगे। तुरंत ही इसकी सूचना संबंधितों को देकर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों से भी अवैध वेंडरों की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल, टीटीई अथवा रेल मदद हेल्पलाइन नंबर पर देने की अपील की है।

नहीं हुई कभी ठोस कार्रवाई:- उल्लेखनीय है कि रेलवे में अवैध वेंडरों की समस्या बरसों पुरानी है। दर्जनों शिकायत और न्यूज़ रिपोर्ट के बावजूद इन वेंडरों पर आज तक कभी ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसका मुख्य कारण आपसी मिलीभगत माना जाता है। रतलाम में आरपीएफ की सांठगांठ है। अवैध वेंडरों को लेकर कोटा में गोलीबारी तक हो चुकी है। वहीं रतलाम में भी पहले खूनी खेल खेला गया है। लेकिन अवैध वेंडर चलना बंद नहीं हुए।
वर्तमान में भी पूरे कोटा मंडल में बड़ी संख्या में अवैध वेंडर चल रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों वहां नए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार श्रीवास्तव द्वारा पदभार ग्रहण किया। तब कोटा स्टेशन पर इनकी संख्या में भारी कमी जरूर देखी गई है। लेकिन ट्रेनों में इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा।
उल्लेखनीय है कि अवैध वेंडर पर कार्रवाई मुख्यतः आरपीएफ की मानी जाती है। यही कारण है कि वाणिज्य विभाग अवैध वेंडरों पर कार्रवाई करने से बचता है।
यह संभवतः पहली बार है कि बिना टिकट जुर्माना वसूली का अधिकार होने के बावजूद रेलवे ने वाणिज्य विभाग को अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हों।

रतलाम में मंडल स्तर पर समस्या:- इधर, रतलाम मंडल में मुख्यालय स्टेशन के अलावा नागदा, जावरा, दाहोद, मंदसौर सहित अन्य स्टेशनों पर वेंडर्स की समस्या बेलगाम है। इतना ही नहीं चलित ट्रेनों में भी अवैध वेंडर गुणवत्ताहीन सामग्री यात्रियों को परोस रहे है। रतलाम-इंदौर डेमू में तो चाय, कचौरी, समोसा, खमण पेंट्रीकार केटरिंग की तरह बेचे जा रहे। वहीं ट्रेनों में फलों का भी मार्केट लगा रहता है।

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