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दुश्वारियों के ऐसे हालात…अफसरों के बंगलों 5 स्टार व चेंबर लक्झरी, कर्मचारियों के क्वार्टर खस्ताहाल, जिम्मेदारों के निठल्लेपन से बढ़ी परेशानी

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। यात्री सुविधा व रेल कर्मचारियों की सुविधाओं को सिस्टम द्वारा खूब ढोल पिटे जा रहे। लेकिन कामों के लिए रेल मंत्रालय के जारी सालाना फंड का इनके लिए उपयोग नहीं हो रहा है। अलबत्ता अफसरों के बंगलों 5 स्टार सुविधायुक्त बन गए। ऑफिस चेंबर भी लक्झरी हो चले है। वहीं रेलवे कॉलोनियों के आवासों की स्थिति बद से बतदर व व्यवस्था खस्ताहाल है। इन कामों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार इंजीनियरिंग विभाग है। मगर अफसरों का पूरा ध्यान मंडल के डेवलपमेंट व इससे जुड़ी कमीशनखोरी पर टिका है। शुक्रवार को ही पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद ने नारेबाजी कर खूब विरोध जताया। परिषद के जोनल महामंत्री शिवलहरी शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े आंदोलन और तेज किए जाएंगे। जबकि मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन के लीडर भी कई बार मांग कर चुके हैं। लेकिन लचर प्रशासनिक व्यवस्था के अफसरों की मौज होने लगी और वे मनमानी पर आमादा है। यूनियन के मंडल अध्यक्ष ह्रदेश पांडे का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़ी कई सुविधा अधूरी है। जबकि यूनियन कई बार मांग कर चुकी हैं।

रेलवे क्वार्टर की स्थिति बद से बदतर:- रेलवे कॉलोनियों में क्वार्टर्स की स्थिति बद से बदतर बनी हुई है। यहां क्वार्टर की रंगाई, पुताई दूर, आवश्यक बुनियादी काम भी नहीं हो रहे है।
न्यू रेलवे कॉलोनी रोड नंबर 5 स्थित क्वार्टर नंबर 877ए सहित ऐसे कई उदाहरण है। जहां रहवासी कर्मचारी ने इंजीनियरिंग विभाग के जिम्मेदारों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर दी। महीनों बाद भी विभाग का अमला काम के लिए नहीं पहुंचा।

इन विभागों की भी घोर अनदेखी:-

-प्लेटफार्म नंबर 8 की प्लानिंग व कंस्ट्रक्शन के कारण ठेकेदार बकरा पुलिया के पास अस्थाई मार्ग बनाया गया। ट्रकों की आवाजाही से रेलवे कॉलोनी की रोड क्षतिग्रस्त कर रही है।
न्यू रेलवे कॉलोनी रोड नंबर 3 व रोड नंबर 6 के क्वार्टर्स की छतों पर शेड नहीं लगे हैं। जबकि15 जून से मानसून प्रारंभ हो जाएगा।

फोटो कैप्शन:- रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर टिकिट बुक कराने परेशान होते रिटायर्ड दिव्यांग कर्मचारी गिरीश शर्मा।

रेल कर्मचारी एवं रिटायर्ड रेल कर्मचारियों की डीआरएम ऑफिस परिसर में रिजर्वेशन टिकिट बुकिंग विंडो सुविधा बहाल नहीं की गई। यहां सालों से रिजर्वेशन काउंटर चल रहा था।
यूनियन की मांग एवं डीआरएम के आदेश की भी धज्जियां उड़ा दी गई। यूनियन महामंत्री ने भी हेडक्वॉर्टर जीएम को पत्र लिखा।
-पश्चिम रेलवे के मुंबई, चर्चगेट मुख्यालय, बड़ौदा, राजकोट, भावनगर व अहमदाबाद में यह सुविधा यथावत है।
-डीआरएम द्वारा पर्सनल विभाग में ऐसी लगाने के आदेश इलेक्ट्रिकल पावर विभाग के उच्च अधिकारी को दिए गए थे।
-अब ऐसी की यह सुविधा पर्सनल विभाग एवं इलेक्ट्रिक पावर विभाग के अधिकारियों के बीच मतभेद के भेंट चढ़ गई है।
-कंट्रोल रूम परिसर में शौचालय का मुद्दा भी उठाया गया था। इस पर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा अमल नहीं किया गया। नियंत्रण कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचारी परेशान है।

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