फिर जागा मनमानी का जिन्न…. कैरिज एंड वैगन विभाग में डिलिंग क्लर्क पर मनमानी के आरोप, जानबूझकर अटका रहे आदेश
-डीआरएम, अधिकारी व संगठन के संज्ञान का भी असर नहीं।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे में बाबुओं की अनियमितता व मनमानी के आरोपों का जिन्न एक बार फिर जाग उठा है। इस बार मामला रेलवे कैरिज एंड वैगन विभाग में डीलिंग क्लर्क की पिछली मनमानी से जुड़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं। जिससे उनमें आक्रोश बढ़ने लगा। क्योंकि वे मानसिक रूप से पीड़ित व परेशान होने लगे है।
बता दें कि स्टैब्लिस्टमेंट विभाग में कैरिज एंड वैगन विभाग का काम पूर्व में डिलिंग क्लर्क पल्लव उपाध्याय के जिम्मे था। एक माह पूर्व उपाध्याय को हटाकर अन्य को नियुक्त किया गया। लेकिन अभी भी दोनों बाबू कैरिज एंड वैगन विभाग के काम देख रहे हैं।
कर्मचारी बताते है कि संबंधित पूर्व डीलिंग क्लर्क द्वारा आदेशों की खुली अवहेलना व घोर लापरवाही बरती गई, यह अभी भी बदस्तूर जारी है। जिससे आशंका है कि इसे प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। मामले को विभाग प्रमुख सहित डीआरएम तक के संज्ञान में लाया गया है। वे यह समझ नहीं पा रहे हैं कि अपनी पीड़ा लेकर किसके पास जाएं। न्याय की गुहार किससे लगाई जाए। वर्तमान हालात यह है कि कर्मचारी पस्त है, प्रशासन सुस्त है तथा क्लर्क मस्त है। मांग की गई कि उनके मामले में न्याय दिलाने का कार्य करें। प्रमोशन, डी-बार एवं सीनियरिटी से संबंधित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए। ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके। मामले सीनियर डीएमई मैकेनिकल भजनलाल मीणा का कहना है कि मामला स्टेब्लिस्टमेंट विभाग का है। डीलिंग क्लर्क को हटा दिया गया है। लेकिन ऐसी अनियमितता नहीं है।
इन कर्मचारियों की ज्यादा परेशानी:-
-विभाग के कर्मचारी सुरेंद्र राजावत एवं लोकेश अहीर का टीएसी-2 में 01 जुलाई 2025 से प्रमोशन नहीं किया गया।
-कर्मचारी सीमा कुमारी का नेम नोटिंग प्रकरण पिछले छः माह से लंबित है। जबकि उनकी जगह अन्य कर्मचारी की नेम नोटिंग एवं स्थानांतरण के आदेश निर्गत कर दिए गए।
-कैरिज विभाग में सीनियरिटी लिस्ट में अनेक गंभीर त्रुटियाँ हैं, जिनका सुधार आज तक नहीं किया गया।
-डी-बार (D-Bar) से संबंधित आदेश जानबूझकर जारी नहीं किए गए। जिससे कर्मचारियों का निरंतर शोषण हो रहा है।
-डीआरएम द्वारा आश्वासन दिए जाने के पश्चात भी वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की तीसरी पीएनएम बैठक में उठाए गए विषयों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।
