न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे स्टेशन स्थित सीटीआई ऑफिस में 7 जुलाई 2025 को हुई मारपीट के मामले में बुधवार को रेलवे स्टेशन से न्यायालय तक दिनभर गहमागहमी रही। दरअसल विवाद के बाद डिप्टी सीटीआई विजेंद्र बैरवा ने जीआरपी में एसटीएससी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके कोर्ट में पेश हुए सीटीआई (स्लीपर) मोहन जोशी को जमानत दे दी गई।
मालूम हो कि ट्रेन ड्यूटी में अपसेन्ट सीटीआई आरयू सिद्दीकी द्वारा ऑन ड्यूटी प्रेजेंट दर्शाने तथा इनके स्थान पर डिप्टी सीटीआई बैरवा द्वारा ड्यूटी करने जैसी अनियमितता के आरोप लगे थे। आपसी एडजस्टमेंट के इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया। तब सामान्य चर्चा विवाद में तब्दील हो गई। तभी डिप्टी सीटीआई बैरवा ने सीटीआई स्लीपर जोशी को थप्पड़ जड़ दिए थे। सीनियर डीसीएम ने सिद्दीकी व बैरवा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। मगर 13 दिन बाद इनकी बहाली कर इनकी दोबारा ट्रेन संख्या 19038 में ड्यूटी लगाई गई।
इधर, सुबह जोशी को जीआरपी थाना बुलवाया गया। वहां से जिला न्यायालय में पेश किया गया। जोशी की ओर से एडवोकेट राजेंद्र शर्मा व राजेंद्र श्रीवास ने दोपहर पश्चात विशेष न्यायाधीश रविंद्र सिंह चुंडावत के समक्ष जमानत याचिका लगाई। इस पर न्यायाधीश द्वारा याचिका को मंजूर कर ज़मानत दे दी गई।
