थप्पड़ कांड में बहाली…. 13 दिन के निलंबन का नाटकीय पटाक्षेप, ड्यूटी रोस्टर में नाम चढ़ा, कल से करेंगे टीटीई ट्रेन में ड्यूटी
-सीटीआई स्लीपर मोहन जोशी के साथ हुई मारपीट का मामला
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। ड्यूटी में अनियमितता व स्पष्टीकरण एक्शन के बाद सीटीआई स्लीपर मोहन जोशी को थप्पड़ जड़ने के मामले का नाटकीय ढंग से पटाक्षेप हुआ है। विवाद में शामिल डिप्टी सीटीआई विजेंद्र बैरवा तथा सीटीआई रईसउद्दीन सिद्दीकी को अनुशासनहीनता के चलते निलंबित कर दिया गया था। इन्हें विभाग ने 13 दिन बाद बगैर दस्तावेजी प्रकिया के तहत बहाल कर दिया है। बल्कि इनकी सोमवार से ट्रेन में ड्यूटी भी लगाई गई है। हालांकि बैरवा की ओर से जीआरपी में दर्ज प्रकरण का मामला अभी यथावत है। समझौते के मामले में विभाग की मध्यस्थता सामने आई है।
बता दें कि ट्रेन में सीटीआई सिद्दीकी की ड्यूटी के बावजूद डिप्टी सीटीआई बैरवा द्वारा बगैर सूचना स्वतः आपसी तालमेल की बात सामने आई थी। सिद्दीकी की ओर से घर बैठे ऑनड्यूटी दर्शाई गई। बगैर सूचना के एडजस्टमेंट करने संबंधी जानकारी जब सीटीआई ऑफिस तक पहुंची। तब स्पस्टीकरण के लिए बैरवा व सिद्दीकी को सीटीआई स्लीपर मोहन जोशी द्वारा सीटीआई ऑफिस तलब किया गया। अनुनय-विनय कहासुनी में तब्दील ही गया। मामला गरमाने पर बैरवा ने जोशी को थप्पड़ जड़ दिए। घटना के बाद डीआरएम ऑफिस पहुंचे जोशी व डीसीटीआई मालवीय ने सीनियर डीसीएम को इसकी जानकारी दी। इस पर सीनियर डीसीएम द्वारा बैरवा तथा सिद्दीकी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं बैरवा ने जोशी के खिलाफ जीआरपी में एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कराया था।
इधर, इस मामले विभागीय तौर पर जानकारी निकलकर आई कि सिद्दीकी तथा बैरवा को सीनियर डीसीएम हीना केवलरामानी ने गुरुवार डीआरएम ऑफिस तलब किया था। इस दौरान इन्हें समझौते की सलाह दी गई। दरअसल सीटीआई सिद्दीकी का रिटायरमेंट करीब है। सेवाकालीन नुकसान को देखते विभाग सहित स्टाफ द्वारा समझौते के लिए दबाव बनाया गया।
रोस्टर में सस्पेंशन का कोड हटाया, दी गई ड्यूटी:- समझाइश के बाद दोनों कर्मचारियों के अस्थाई तौर पर निलंबन निरस्त कर बहाली की गई है। विवाद के बाद से ड्यूटी रोस्टर में इनके नाम के आगे सस्पेंशन का कोड दर्शाया जा रहा था। लेकिन रविवार को जारी ड्यूटी रोस्टर में सस्पेंशन का दर्शाया सस्पेंसन लिखा कोड हटाकर ट्रेन नंबर 19038 में सिद्दीकी व बैरवा की ड्यूटी लगाई गई है। सोमवार से इनकी ट्रेन ड्यूटी शुरू हो जाएगी
कार्रवाई को लेकर सवाल:- निलंबन बहाली के बावजूद विभागीय कार्रवाई की प्रकिया आगे भी संभव है। दरअसल विवाद की सूचना पश्चिम रेलवे मुख्यालय तक भी गई है। ऐसे में दोनों कर्मचारियों पर भविष्य में चार्जशीट तथा अन्य कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर बैरवा द्वारा जोशी के खिलाफ दर्ज प्रकरण की वापसी की प्रकिया जीआरपी थाना स्तर पर संभव नहीं है। मामला कोर्ट में पहुंचने पर एक्ट की धाराओं में मुकरना भी अपराध है। हालांकि फरियादी के बयान के आधार पर कोर्ट में खात्मा पेश कर समझौता किया जा सकता है। मामले में जीआरपी टीआई मोतीराम चौधरी का कहना है कि फरियादी वीरेंद्र बैरवा के विशेष दबाव के चलते मोहन जोशी के खिलाफ एसटीएससी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। अब जो भी फैसला होगा वह सीधे कोर्ट स्तर पर ही संभव है।
