-अमेरिका ने दिया रतलाम की मूर्ति कला को सम्मान ।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम के मूर्तिकार द्वारा बनाई गई ओशो की प्रतिमा जल्दी ही अमेरिका में प्रदर्शित होगी। प्रतिमा का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। इसे फ्लाइट द्वारा वहां ले जाया जाएगा।
अमेरिका के डेनिसन टैक्सास में स्थित बोधिसत्व स्वामी आनंद अरुण के सानिध्य में स्वामी प्रेम मैत्रेय द्वारा ओशो केवल्य धाम ध्यान केंद्र संचालित है। जुलाई में आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर रजनीश ओशो के शिष्यों द्वारा मूर्ति स्थापित कर गुरु पूजन के आयोजन किया जाना है। इसके लिए गुरु ओशो की प्रतिमा बनवाने का निर्णय कैवल्य धाम संस्था के पदाधिकारी द्वारा लिया गया।
माना जाता है कि भगवान रजनीश ओशो की मूर्ति या उनके हर फोटो में उनके नेत्रों से ही आज भी जीवंतता का एहसास दिलाती है।
अमेरिका के स्वामी प्रेम मैत्रेय ये चाहते हैं कि रजनीश ओशो की गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर गुरु पूजन के समय जो प्रतिमा का अनावरण और गुरु पूजन हो तो भगवान रजनीश ओशो की जीवंतता का एहसास विश्व के कई देशों से पहुंचने वाले उनके शिष्यों को आकर्षक का केंद्र हो। जिसके लिए मध्य प्रदेश के रतलाम में स्थित त्रिवेदी आर्टस को चुना गया। रतलाम के मूर्तिकार मुख्य आर्टिस्ट कुलदीप त्रिवेदी एवं उनके सहयोगियों द्वारा रजनीश ओशो की प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। जिसे फ्लाइट के माध्यम से अमेरिका पहुंचाया जाएगा।
यह है प्रतिमा की विशेषता : त्रिवेदी ने बताया कि इस प्रतिमा की अद्भुत विशेषता है। इसे किसी भी एंगल से देखने पर प्रतीत होता है मानो यह आपको ही देख रही है।
प्रतिमा में उनके चेहरे पर स्थित छोटे-छोटे रूम, कूप, एवं रिंकल्स को भी दर्शाया गया। जो कि भक्तों को प्रतिमा की ओर आकर्षित कर रहा है।
