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सीएम फेस का सस्पेंस: शिवराज के बाद अब कैलाश विजयवर्गीय क्यों दिखे कॉम्फीडेंट

-मुख्यमंत्री की दौड़ में शमिल विजयवर्गीय ने भोपाल में जयंत मलैया सहित अन्य नेताओं के मिलकर बढ़ाई सक्रियता।

न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। एमपी के सीएम को लेकर सोमवार को विधायक दल की बैठक के बाद कुछ ही घंटों में सस्पेंस खत्म हो जाएगा। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा केंद्रीय मंत्री रहे प्रहलाद पटेल भी रेस में आगे है। पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी अव्वल है। शिवराज जहां अभी भी जनता के बीच पहुंचकर केंद्रीय नेतृत्व की ओर ध्यानाकर्षण करवा रहे है। वही कैलाश विजयवर्गीय ने भी एकाएक अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने पार्टी के दिग्गज जयंत मलैया से मीटिंग की। इतना ही नहीं वे सोमवार सुबह बेहद कॉम्फीडेंट भी दिखाई दिए। ऑब्जर्वर के भोपाल पहुंचने के बाद विधायक दल की बैठक व मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन शुरू हो जाएगा।

मालूम हो कि भाजपा महासचिव रहे विजयवर्गीय केंद्रीय नेतृत्व के भी करीब है। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थी। बेहतर प्रबंधन के साथ उन्होंने निभाया भी है। एमपी की राजनीति में ये 7 बार विधायक रहे। 12 साल तक मंत्री पद निभाया। चुनाव के दौरान इंदौर में 9 सीटों पर मेहनत की। चुनाव पूर्व उन्हें इसी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए एमपी की राजनीति में दोबारा सक्रिय किया गया। पार्टी ने इन्हें 2023 के विधानसभा चुनाव में विधायक का टिकिट दिया।

यदि विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो रतलाम जिले से मंत्रिमंडल में किस विधायक को तवज्जो मिलेगी यह देखना भी रोचक होगा।

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