न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम । इंदौर में कार्यरत रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ के यात्रा भत्ते (टीए) का भुगतान अटकाने के मामले में सहायक वाणिज्य प्रबंधक (एसीएम) इंदौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ और पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के कड़े विरोध के बाद मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अश्वनी कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीएम को रतलाम मुख्यालय तलब कर लिया है। बताया जा रहा है कि एसीएम पिछले 5-6 दिनों से रतलाम में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जल्द ही उनका स्थानांतरण भी हो सकता है।
3 माह से रुका था यात्रा भत्ता:- कमर्शियल विभाग के अधीन तैनात टिकट चेकिंग कर्मचारी दिन-रात मुस्तैदी से कार्य कर रेलवे का राजस्व बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद एसीएम इंदौर द्वारा मई और जून 2026 सहित पिछले 3 महीनों का यात्रा भत्ता बिना किसी ठोस कारण के रोक कर रखा गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि नियमानुसार समय पर पत्रक जमा करने के बाद भी उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कर्मचारी यूनियनों ने खोला मोर्चा:- मामले को लेकर वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के मंडल मंत्री अभिलाष नागर ने 27 अगस्त 2026 को डीआरएम को पत्र लिखकर एसीएम की कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे रेलवे बोर्ड के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए बकाया टीए के अविलंब भुगतान की मांग की।
दूसरी ओर, पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के जोनल महामंत्री शिवलहरी शर्मा ने भी कर्मचारियों के समर्थन में उतरते हुए डीआरएम से सीधी चर्चा की और इस मनमानी का कड़ा विरोध जताया।
तबादले की तैयारी
यूनियनों के दबाव और डीआरएम के संज्ञान लेने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नए एसीएम का पैनल भी जारी हो चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि रतलाम तलब किए गए एसीएम का जल्द ही यहां से तबादला कर दिया जाएगा।
