घटिया निर्माण का ऐसा नज़ारा…. रतलाम-नीमच डबलिंग प्रोजेक्ट में प्लेटफॉर्म की बदसूरती बरकरार, ढोढर में भी धंसा फ्लोरिंग

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम-नीमच रेल लाइन दोहरीकरण के तहत घटिया निर्माण की बदसूरत तस्वीरें अभी भी सामने आ रही है। रतलाम जंक्शन के बाद इसी सेक्शन के ढोढर रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म की शक्ल भी बिगड़ती दिखाई दे रही है। यहां चार माह पूर्व ही बनाए प्लेटफॉर्म का फ्लोरिंग भी धंसने लगा।
बता दें कि 1095 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में ठेकेदार कंपनी एमवीपीएल और रेलवे इंजीनियर के बीच भ्रष्टाचार की जुगलबंदी उजागर होकर आम होने लगी है।

रतलाम प्लेटफॉर्म से खुली थी पोल:- घटिया निर्मांण की कहानी की पोल रतलाम स्टेशन से खुली थी। न्यूज़ जंक्शन-18 ने पहली बार इस लापरवाही को उजागर किया था। महज साढे चार महीने पहले बनकर तैयार आइलैंड प्लेटफॉर्म 7-ए (आम बोलचाल प्लेटफॉर्म 8) पहली ही बारिश में 7 से 8 जगहों से धंस गया था। ठेकेदार कंपनी एमवीपीएल ने बिना मिट्टी का कॉम्पैक्शन (भराव) और दबाव किए ही प्लेटफॉर्म फर्श लगा दिया। ख़बर सामने आई तो मरम्मत करवाई गई।
इसके बाद अब ढोढर में भी फर्श धंसने की ताज़ा तस्वीर सामने आई है। यहां फ्लोरिंग के लिए लगाए पत्थर दब गए है। मामले में जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय का कहना है कि पहली बारिश में मिट्टी दबने से कभी कभी फ्लोरिंग धंसने की समस्या आती है। इनकी मरम्मत की जा रही है।

सीआरएस ने पहली नज़र दे दी ओके रिपोर्ट ?:- प्रोजेक्ट के तहत 31 मार्च को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ई. श्रीनिवास का निरीक्षण निर्धारित था। ऐसे में ताबड़तोड़ आधे अधूरे निर्माण सहित अन्य तैयारियां की गई। सीआरएस द्वारा 1.9 किमी लंबे रतलाम-धौंसवास सेक्शन का निरीक्षण किया था। उस समय सीआरएस भी दिल्ली की एमवीपीएल कंपनी द्वारा किए गए प्लेटफॉर्म 7-ए के घटिया निर्माण को देख नहीं पाए। उस वक्त प्लेटफॉर्म वाले हिस्से में ट्रैक भी नहीं बिछा था।
प्रोजेक्ट के तहत रतलाम में यह काम :- 133 किमी लंबे रतलाम-नीमच दोहरीकरण के तहत नए ब्रॉडगेज ट्रैक को प्लेटफॉर्म नंबर सात के दूसरी तरफ बिछाकर स्टेशन से कनेक्ट किया गया है। इसके लिए प्लेटफॉर्म सात की लंबाई नीमच की तरफ 350 मीटर बढ़ाई गई है। दोनों तरफ ट्रैक होने से यह आइलैंड प्लेटफॉर्म बन गया है। इसका काम मार्च 2026 में ही पूरा हुआ है।
