आरपीएफ की कार्रवाई से भड़के खानपान संचालक: रतलाम स्टेशन पर खानपान स्टॉलें बंद, यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें; अफ़सरों की मध्यस्थता के बाद भी नहीं निकला समाधान
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह से ही यात्रियों को चाय-पानी और नाश्ते के लिए भटकना पड़ा। आरपीएफ द्वारा किए जा रहे चालान और कथित कार्रवाई के विरोध में स्टेशन के सभी खानपान संचालकों ने एकजुट होकर अपनी दुकानें बंद कर दीं। स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म्स पर संचालित 19 स्टॉल और 7 ट्रॉलियों पर पर्दे डाल दिए गए। जिससे पूरे दिन स्टेशन पर खानपान व्यवस्था पूरी तरह ठप्प रही।

2 हजार रुपए के चालान पर गरमाया विवाद:- स्टॉल संचालकों का आरोप है कि आरपीएफ नए नियमों का हवाला देकर बेवजह परेशान कर रही है और सीधे 2,000 रुपये का चालान काट रही है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मामला एक दिन पहले ही गरमा गया था, लेकिन जब समझाइश से बात नहीं बनी तो बुधवार को संचालकों ने हड़ताल का रास्ता चुना।
CMI कैटरिंग और RPF के बीच गहमागहमी:- स्टाल बंदी के दौरान सीएमआई (कैटरिंग) सोमेश सिंह सिसोदिया संचालकों के साथ आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। जहां आरपीएफ स्टाफ के साथ तीखी गहमागहमी हुई। इसके बाद संचालक डीआरएम ऑफिस पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल मंडल ने सीनियर डीसीएम हिना केवलरामानी तथा सीनियर डीएससी से मुलाकात की। अधिकारियों के साथ बातचीत में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। जिसके बाद आक्रोशित संचालकों ने रेलवे स्टेशन पर धरना शुरू कर दिया।

ADRM ने लिया संज्ञान, दोपहर तक बेनतीजा रही बात:-विवाद बढ़ता देख एडीआरएम (अपर मंडल रेल प्रबंधक) अक्षय कुमार ने स्टॉल संचालकों को बातचीत के लिए तलब किया। हालांकि, दोपहर तक इस मामले का कोई सर्वमान्य हल नहीं निकल पाया था।
RPF का पक्ष: ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत हो रही कार्रवाई:- मामले में आरपीएफ स्टाफ का कहना है कि यह कार्रवाई पश्चिम रेलवे आईजी अजोय सादानी के सख्त निर्देशों और ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत की जा रही है। इसके अंतर्गत प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत रूप से पानी की बोतलों का स्टॉक रखने और अनधिकृत वेंडर्स की जांच के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों और संचालकों के बीच गतिरोध बरकरार रहने से सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन पकड़ने और सफर कर रहे आम यात्रियों को उठानी पड़ रही है। मामले में सीनियर डीएससी अमित कुमार मिश्र से पक्ष जानना चाहा। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नही किया।
