रेल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: SBI सैलरी पैकेज के तहत ₹1 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा जल्द, यूनियन की बैठक में हुआ फैसला
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए, यूनियन की स्थाई वार्ता तंत्र (PNM) की बैठक में रेलवे सैलरी पैकेज (RSP) के तहत मिलने वाले बीमा लाभों को जल्द लागू करने पर सहमति बन गई है। इस फैसले के बाद अब रेल कर्मचारियों को ड्यूटी या सामान्य दिनों में दुर्घटना का शिकार होने पर ₹1 करोड़ तक का सुरक्षा कवच मिल सकेगा। हालांकि इस फैसले को हरी झंडी पहले दे दी गई थी। लेकिन दस्तावेजी अड़चनों का चलते कर्मचारियों के इंश्योरेंस नहीं हो पाए थे। यूनियन द्वारा मांग उठाई जाने के बाद मंडल कार्यालय से कर्मचारियों को डेटा एसबीआई भेजा गया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 2 सितंबर 2025 को रेलवे बोर्ड और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच रेल कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट पर विशेष इंश्योरेंस कवर देने के लिए एक संयुक्त समझौता (MoU) साइन किया गया था। इस एमओयू के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सैलरी अकाउंट रखने वाले रेल कर्मचारियों का बीमा होना था। हालांकि, किन्हीं कारणों से यह महत्वपूर्ण मामला पिछले कुछ समय से लंबित चल रहा था।
मीडिया प्रवक्ता अशोक तिवारी ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए, रेलवे वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन ने 8 एवं 9 जुलाई 2026 को हुई स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक में इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। सीनियर डीपीओ सोमनाथ कैलास गायकवाड़ ने इस पर गंभीरता से चर्चा की गई। डीआरएम अश्वनी कुमार ने लंबित पड़े इस मामले को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का अंतिम फैसला लिया गया। डीआरएम ने 9 जुलाई को ही सभी रेलवे कर्मचारियों का डेटा एसबीआई शाखा को उपलब्ध करवाया। इसके बाद क्लेम राशि मिलने के रास्ते अब साफ हो गए है।
इंश्योरेंस पैकेज की मुख्य विशेषताएं
इस सैलरी पैकेज के लागू होने से रेल कर्मचारियों को बैंक इंश्योरेंस के माध्यम से निम्नलिखित वित्तीय सुरक्षा मिलेगी:-
– आकस्मिक निधन पर:- यदि किसी रेल कर्मचारी का आकस्मिक निधन होता है। तब उसके परिवार को ₹10 लाख की राशि सहायता के रूप में प्राप्त होगी।
– दुर्घटना में मृत्यु/अपंगता पर:- किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने या दुर्घटना में मृत्यु होने पर बैंक इंश्योरेंस के माध्यम से ₹1 करोड़ की भारी-भरकम राशि प्रदान की जाएगी।
मामले में यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर बारठ व अध्यक्ष ह्रदेश पांडेय ने कहा कि 2 सितंबर 2025 को हुए इस MoU के लटके होने से कर्मचारियों में असंतोष था। लेकिन यूनियन की स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक में अब इसे हरी झंडी मिल गई है। इससे मंडल के रेलकर्मियों को सीधा फायदा होगा।
