न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे सीनियर इंस्टिट्यूट के बेडमिंटन हाल में शराबखोरी सहित अय्यासी के मामले उजागर होने के बाद प्रशासनिक हलको में हड़कंप मच गया। हालांकि अभी लिखित आदेश या अन्य कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन आरपीएफ विभाग जरूर एक्शन में आया है।
दरअसल, सीनियर इंस्टिट्यूट का चार्ज निर्वाचित पदाधिकारियों से तत्कालीन सीनियर डीपीओ अरिमा भटनागर ने 18 अगस्त 2025 को लिया था। उसके बाद इंस्टिट्यूट सहित बेडमिंटन हॉल संचालन की व्यवस्था बेपटरी है। हालात यह है कि बेतरतीब बिजली उपयोग व सर्वाधिक यूनिट खपत के चलते छह माह में 1 लाख रुपए से भी ज्यादा का बिल आ गया है। इसकी भरपाई का भार भी वहां के नियमित सदस्यों में मिलने वाली मासिक फीस के योगदान पर पड़ा है।

बता दें कि रेलवे बेडमिंटन हॉल में बढ़ती अय्यासी से परेशान कुछ खिलाड़ियों ने रात में दरवाजे का ताला खोलते अंदर का वीडियो बनाया। हॉल के अंदर चेयर पर शराब की बोतल रखी हुई थी। गिलास में शराब का आधा पैक बना पड़ा था। सभी लाइटें व पंखे धड़ल्ले से चल रहे थे। फर्श पर एक चटाई भी बिछी दिखाई गई। बोला गया कि यहां अवैध काम होते है।
इधर, वीडियो वायरल होने के बाद कार्मिक विभाग के अधिकारी ने मामले में संज्ञान लिया। अधिकारी की माने तो आरपीएफ विभाग में सूचना देने पर बीती रात आरपीएफ टीम को बेडमिंटन हॉल सहित आसपास के परिसर में जांच के लिए भेजा गया।
दूसरी ओर जारी वीडियो से पल्ला झाड़ते यह बात भी सामने आई कि यह खिलाड़ियों की आपसी खींचतान व साज़िश का हिस्सा है। लेकिन पिछले दिनों परिसर से ही युवक-युवती के पकड़े जाने का मामला जीआरपी तक पहुंचा था। इसलिए वहां अवैध गतिविधियों के संचालन से इंकार नहीं किया जा सकता है।
सदस्यों का क्या गुनाह:- रेलवे कॉलोनी स्थित सीनियर इंस्टिट्यूट में 665 सदस्य है। इनसे इंस्टिट्यूट संचालन के लिहाज से 20 रुपए प्रति सदस्य फीस ली जाती है। इस तरह से 13300 रुपए माह कोष में जमा किए जाते है। वहां होने वाली शादी व पार्टी के लिए बुकिंग राशि अलग से जमा होती है। हालांकि आयोजन के वक्त उपयोग की जाने वाली बिजली के बिल की वसूली पृथक से पार्टी से वसूली जाती है। वहीं बेडमिंटन हॉल का मीटर अलग से है। इलेक्ट्रिक पावर से मिली जानकारी के मुताबिक बेडमिंटन हॉल में पिछले छह माह में बिजली खपत अधिक हुई है। इस अवधि का जारी बिजली बिल के करीब 1 लाख 5 हजार रुपए जमा किए गए। बताया जा रहा कि मामले में सीनियर डीपीओ सोमनाथ कैलास गायकवाड़ ने कार्य संचालन के लिखित आदेश जारी नहीं किए। लेकिन मामले में आपत्ति लेते हुए जिम्मेदार कर्मचारी व केयरटेकर को व्यवस्था दुरुस्त करवाने की चेतावनी दी।
