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अनियमितता के पीछे आरटीआई का हंटर…पिरियोडिकल तबादलों को लेकर भी उठी उंगली, 4 को राहत 40 को सजा?

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे कमर्शियल विभाग में कुछ माह पूर्व चेकिंग कर्मचारियों के पिरियोडिकल तबादलों सहित अर्निंग गेम को लेकर अब उंगलियां उठने लगी है। पिछले दिनों जब तबादले किए गए तब 4 को राहत देकर 40 से अधिक चेकिंग कर्मचारियों के पिरियोडिकल तबादले किए जाने के आरोप है। वहीं 2018 के बाद सीसीटीसी कैडर के तहत चेकिंग कर्मचारियों को अन्य यूनिट (सीसीटीसी कैडर में टीसी, कमर्शियल क्लर्क, इन्क्वायरी) में तबादलें नहीं किए जाने को लेकर भी विरोध के स्वर उठाने लगे है। कुछ मामलों को लेकर आरटीआई में जानकारी मांगी गई है। न मिलने पर रेल मंत्रालय तक कार्रवाई की बात कही जा रहा है।
बता दें कि 1 साल पहले विभाग द्वारा चेकिंग कर्मचारियों के आवधिक तबादले किए गए थे। तकरीबन 40 से अधिक कर्मचारियों को मंडल के एक से दूसरे स्टेशन पर तबादला कर भेजा गया। लेकिन चेकिंग के ही चार कर्मचारियों को राहत देकर उन्हें केवल चेकिंग से मैनिंग (स्लीपर कोच ड्यूटी) में भेजा गया। बताया जा रहा कि जिन चार सीटीआई स्तर के कर्मचारियों को राहत दी गई। उनमें से एक कर्मचारी मूलतः बिहार राज्य निवासी है। इस पर लेंड फ़ॉर जॉब के तहत नियुक्ति के भी आरोप है। इन चारों कर्मचारियों को लेकर उठे सवाल अब विभाग की भेदभावपूर्ण कार्रवाई की आशंका में तब्दील होने लगे है।

2018 में सीसीटीसी भर्ती के प्रारंभिक कर्मचारी यथावत:- दरअसल, रेलवे बोर्ड द्वारा सीसीटीसी कैडर में टीसी, कमर्शियल क्लर्क, इन्क्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क ग्रूप को शामिल कर भर्ती की गई थी। उस दौरान भर्ती के बाद अधिकांश कर्मचारी चेकिंग में कार्यरत है। सीसीटीसी कैडर की पॉलिसी के मुताबिक इनके भी चार साल की आवधिक प्रक्रिया में तबादलों के नियम है। बावजूद कई कर्मचारी भर्ती के बाद से ही टिकिट चेकिंग में ही काम कर रहे है। न्यूज़ जंक्शन-18 के पास चार साल से अधिक समयावधि तक कार्य करने वालों की सूची उपलब्ध है। जल्दी ही इसका सूचिवार प्रकाशन भी किया जाएगा।

सीसीटीसी के तहत भर्ती चेकिंग कर्मचारी की बुकिंग में ड्यूटी, कर्मचारी अवकाश पर:- इधर, विभाग द्वारा सीसीटीसी के तहत खेल कोटे में भर्ती चेकिंग कर्मचारी बलराज का मौखिक रूप से बुकिंग में तबादला कर दिया गया है। हालांकि इसे मौखिक आदेशात्मक सूचना दी गई। इसके बाद कर्मचारी अवकाश पर चला गया है। आरोप है कि विभाग द्वारा अन्य कर्मचारियों को चेकिंग में ही यथावत रखा गया। एक को बुकिंग में ड्यूटी दी गई।
दूसरी पूर्व में सीटीआई ऑफिस में सीटीआई स्लीपर मोहन जोशी व डिप्टी सीटीआई विजेंद्र बैरवा के बीच मारपीट प्रकरण की विभागीय जांच प्रक्रियाधीन है। कर्मचारी बलराज को साक्ष्य में सहयोग न करने पर बुकिंग में ड्यूटी लगाकर दंडित किए जाने की बात भी सामने आई है।

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