जीआरपी-आरपीएफ ने सुस्ती दिखाई, रेलवे अस्पताल में अनदेखी की गई, डीआरएम की डॉक्टर पत्नी की डांट ने उड़ाई रेलवे डॉक्टर्स की ठंड

फ़ोटो:- डॉक्टर अर्चना शर्मा।।
-अब कान का परदा फंटने पर शंटर का ठीक से उपचार, दो आरोपी भी पकड़ाए।
-रेलवे में लोको पायलट (शंटर) आदित्य अमर्त्य वर्मा के साथ मारपीट व रुपए वसूली का
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे शंटर लोको पायलट आदित्य अमर्त्य वर्मा के साथ 7 नवंबर की रात प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर बदमाशों द्वारा मारपीट व रुपए छीनने के बाद जीआरपी व आरपीएफ ने सुस्ती दिखाई। वहीं रेलवे अस्पताल ने भी अनदेखी कर लोको पायलट का सामान्य मरीज जैसा उपचार कर दिया। जबकि पीड़ित कर्मचारी कान में दर्द की परेशानी बताता रहा। मामला रेलवे अस्पताल में कार्यरत डीआरएम अश्वनी कुमार की पत्नी डॉ. अर्चना शर्मा तक पहुंचा। तब उन्होंने जिम्मेदारों को आड़े हाथ लिया। बल्कि स्वयं श्रीमती शर्मा ने शंटर का उपचार किया।
दूसरी ओर जीआरपी ने घटना में शामिल दो आरोपियों की गिरफ्तार किया व एक फरार है।
बता दें कि डीआरएम कुमार की पत्नी डॉ. अर्चना नाक, कान, गला विशेषज्ञ है। रेलवे अस्पताल में 3 साल की संविदा आधार पर कार्यरत है। घटना के बाद लोको पायलट ने पहले दिन से ही बताया था की मारपीट से उसके कान में तेज दर्द है। बावजूद रेलवे अस्पताल में सामान्य उपचार किया। जीआरपी ने भी पीड़ित का तब तक मेडिकल नहीं कराया। बाद में डॉ. अर्चना शर्मा द्वारा जांच करने पर कान का पदरा फंटने की जानकारी निकलकर आई। दूसरी ओर शुक्रवार को रेलवे अस्पताल से जीआरपी को मेडिकल के लिए मेमो दिया गया।
बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल से आरोपी तक पहुंची पुलिस:- घटना के बाद थाना जीआरपी रतलाम में अपराध क्रमांक 348/25 धारा 304 (2), 115 (2), 351(2), 3 (5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। जीआरपी एवं आरपीएफ की संयुक्त टीम तत्काल गठित की गई।
पुलिस ने आरोपी द्वारा फोन पे के माध्यम से प्राप्त राशि के ट्रांजैक्शन डिटेल बैंक से निकलवाई। इसके बाद आरोपी तक पहुंची।
संदेह के आधार पर भुवनेश्वर पाटीदार की तलाश की गई, जो अपने घर पर नहीं मिला। पुलिस को सूचना मिली कि वह डाट की पुल, रतलाम के पास संदिग्ध अवस्था में बैठा है।
पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी
भुवनेश्वर पिता राकेश पाटीदार (22) वर्ष निवासी टैंकर रोड, नया गांव, राजगढ़, थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम ने अपने साथियों बाबू उर्फ विजय, लक्की और नीलू के साथ घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। भुवनेश्वर के बयान के आधार पर पुलिस ने बाबू उर्फ विजय पिता रमेशचंद्र वर्मा उम्र 23 वर्ष निवासी मीराकूटी, गांधी नगर, थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम को भी गिरफ्तार कर लिया। शेष आरोपी लक्की एवं नीलू की तलाश जीआरपी टीम द्वारा की जा रही है।
इनका रहा सहयोग:- इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोतीराम चौधरी के निर्देशन में सउनि शिवसिंह चौहान, प्र.आर.96 मोहम्मद रईस, आर.646 ऋषभ, आर.641 अंकित शेखावत, आर.200 संजय ढाबी, तथा आरपीएफ स्टाफ के उनि गवेन्द्र सिंह, सउनि संतोष सिंह एवं प्र.आर. राजभान सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
आरपीएफ की भूमिका पर सवाल:- रेलवे में लोको पायलट (शंटर) के पद पर पदस्थ आदित्य अमर्त्य वर्मा निवासी रतलाम के साथ 05 नवंबर 2025 की रात 01:35 से 01:45 बजे के बीच कुछ अज्ञात बदमाशों द्वारा चाकू की नोक पर हमला किया था। बदमाशों ने 3,000 रुपए फोन पे के माध्यम से ट्रांसफर करवा लिए। रियलमी कंपनी के ईयरबर्ड्स भी छीने। पीड़ित ने घटना की जानकारी आरपीएफ को भी दी। पीड़ित के मुताबिक आरपीएफ प्रभारी ने मामले को हल्के में लेकर उल्टा पीड़ित पर आरोप लगा दिया था कि वह मनघड़ंत कहानी बता रहा है। जीआरपी थाना में भी सुबह 11 बजे तक बिठाए रखा। मामला मीडिया की प्रमुख खबर बनने पर आरपीएफ सहित जीआरपी अलर्ट मोड पर आई।
