न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। उलाहनाहों की फेहरिस्त के बाद रेलवे के वाणिज्य विभाग में रेलवे टिकिट चेकिंग स्क्वॉड में आखिर फ़ेरबदल करने पर मजबूर कर दिया है। इस बदलाव में जो पहले स्क्वॉड का लीडर (राजा) था। उसे अब केवल स्क्वॉड मेंबर (प्यादा) बना दिया गया है। इसके दीगर भी फेरबदल किए गए है। विभाग के सूत्रों से जानकारी आई है कि पूर्व में शिकायतों की तरह ही यदि क्रम जारी रहा तो प्रशासन हित में कर्मचारी से मैनिंग या ग्राउंडिंग जैसी ड्यूटी कराई जाएगी।
बता दें कि टिकिट चेकिंग में भांति-भांति की क्रमवार या अर्निंग के मुताबिक ड्यूटियां करवाई जाती है। स्क्वॉड में कर्मचारी सिविल ड्रेस में सेक्शनवार ड्यूटी करते है। इन्हें नियमित घर आने का लाभ जरूर मिलता है। वहीं ट्रेन कोच या स्टेशन ड्यूटी इनके लिए ड्रेसकोड की अनिवार्यता रहती है। ट्रेन कोच वाले टीटीई या ऐसी कोच कंडक्टर स्टेशनों की ड्यूटी की वजह से वे रोस्टर के मुताबिक घर लौटते है।
रतलाम में यादव की स्क्वॉड में मीणा:- नए फ़ेरबदल में पूर्व में बीएल मीणा को स्क्वॉड लीडर से हटाया गया है। मीणा अब रतलाम की पहली स्क्वॉड के लीडर सीटीआई राकेश यादव के अधीन काम करेंगे। इसी तरह मीणा की लीडरशिप के दौरान इनके अधीन काम करने वाले एमएस शेख को रतलाम की दूसरी स्क्वॉड का प्रमुख लीडर बनाया गया है। इसी तरह से अन्य स्टेशनों की स्क्वॉड में आंशिक फेरबदल किया गया है।
बता दें कि मीणा पर पूर्व एडीआरएम अशफ़ाक़ अहमद के दिव्यांग माली से ट्रेन के दिव्यांग कोच में अभद्रता के आरोप लगे थे। तब से ये विभाग के अफसरों के राडार पर थे। इस फ़ेरबदल को भी उसी नजरिए से देखा जा रहा है।

