मैं एक राजा-हूं, तू एक रानी है….रियासतकालीन गुलाब चक्कर के नव-श्रृंगारित परिसर में गूंजे रफी साहब के नगमें
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। शहर के पुराना कलेक्टोरेट परिसर स्थित रियासतकालीन गुलाब चक्कर का नव-श्रृंगारित परिसर गुरुवार को रफी साहब के सुमधुर नगमें से गूंजता रहा। स्वर श्रृंगार म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने रफी साहब के चुनिंदा बेहतरीन गानों की प्रस्तुति दी। तब गाने-दर गाने समा बंधता गया तथा दर्शक मंत्रमुग्ध होते गए। कलेक्टर राजेश बाथम ने सभी कलाकारों की सराहना कर गुलाब चक्कर को शहरवासियों के लिए विशेष सौगात बताया। सभी कलाकारों को प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया।
गुलाब चक्कर पर शाम 7 बजे झिलमिलाती लाइटिंग शो का प्रदर्शन किया गया। इसके ठीक बाद संगीतमय कार्यक्रम की शुरुआत की।

फीमेल सिंगर व एंकर अल्फ़िया खान द्वारा भगवान श्री गणेश की पेश की गई स्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद जलज शर्मा द्वारा ‘बड़ी दूर से आए है, प्यार का तोहफा लाए है’… की प्रस्तुति दी। इसके बाद अशफ़ाक़ जावेदी द्वारा ‘मैं एक राजा हूं, तू एक रानी है’…। नयन सूबेदार द्वारा ‘चराग दिल का सुनाऊ, बहुत अंधेरा है’…। संजय परसाई द्वारा ‘तू इस तरह है मेरी जिंदगी में शामिल है’। इकबाल खान द्वारा ‘आया रे खिलौने वाला खेल खिलौने लेके आया रे, आया रे’….। इदरीश जावेदी द्वारा ‘मेहबूब मेरे ओ मेहबूब मेरे, तू है तो दुनिया’…। इसी तरह युगल गीत नयन-विशाखा सूबेदार द्वारा ‘रिमझिम के गीत सावन गाए’…। जलज-इंदु शर्मा द्वारा ‘वादा कर ले साजना’ की पेशकश दी गई। इसी तरह अल्फ़िया खान के साथ ‘इशारों इशारों में दिल लेने वाले’ सहित अन्य बेहतरीन गानों में ग्रुप के कलाकारों ने युगल प्रस्तुति दी।
तहसीलदार श्री ठाकुर द्वारा भी ‘दर्दे दिल, दर्दे जिगर’ गाने की प्रस्तुति दी। सभी को प्रतिक चिन्ह से पुरस्कृत किया गया।
