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ईद का ऐसा भाईचारा….इस बार परिवार के 68 सदस्यों ने बांटी खुशियां, मोहल्ले में सभी बिरादरी के लिए सिवइयां, मुंह मीठा कराया

-हर साल की तरह इस बार भी किया सामूहिक ईद मिलन।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। शहर में सोमवार को उत्साह व उमंग के बीच लक्ष्मणपुरा के मेवाती खान परिवार में ईद की खुशियों का अलग ही अंदाज़ रहा। परिवार के 68 सदस्यों के बीच ईद की खूब रौनक रही। इस परिवार का भाईचारा ऐसा कि घर के बाहर मोहल्ले में सभी बिरादरी के लिए सिवइयां के इंतजाम किए गए। आते-जाते लोगों का मुंह मीठा कराया, अमन-चैन की दुआ कर सभी को शुभकामनाएं दी।
मेवाती परिवार के सदस्य व रेलवे में जेसी बैंक के डायरेक्टर वाजिद खान बताते हैं कि हाजी गफूर खान (मेवाती) परिवार के सामूहिक ईद मनाने की परंपरा को हमने सतत जारी रखा है। वैसे तो परिवार में कुल 175 सदस्य है। इनमें बेटों पोते व पड़पोते सहित 68 सदस्यों ने इस बार भी ईद मिलन समारोह आयोजित किया। यह लक्ष्मणपुरा में आकर्षण का केंद्र रहा। नमाज़ के बाद सुबह 10 बजे सभी घर के बाहर इकट्ठा हुए। आपस में गले मिलकर एक दूसरे को कहा- ईद मुबारक हो…।

सर्वाधिक शिक्षित परिवार, ओहदेदार सदस्य:- दरअसल हाजी गफूर साहब के पारिवारिक सदस्यों में सभी शिक्षित व ओहदेदार है। पोते में सबसे छोटे वाजिद खान रेलवे जेसी बैंक डायरेक्टर है। ये मोहल्ले सहित रेल परिवार में लोगों के दुःख-सुख के साथी है। वहीं पड़पोते में सबसे छोटे सदस्य वाजिद के ही बेटे मोहम्मद जिदान अली खान है। अधिकांश सदस्य व्यवसाय में अच्छे मुकाम पर है तो बाकी शासकीय नौकरियों में कार्यरत है।

पुरानी गुजरी आज भी करते है ताज़ा:- परिवार के सदस्य अपने दादा के पुराने मेहनत व संघर्ष को आज भी याद करते है। वाजिद बताते है कि पिता के दादा नज़र खा साहब मुख्य रूप से मेवात (अलवर) राजस्थान के वाशिंदे रहे है। उन्होंने खूब संघर्ष व मेहनत से परिवार का पालन-पोषण किया। अकाल की स्थिति के चलते वे उस दौरान रतलाम आ बसे थे। इसके बाद से हमारा परिवार रतलाम का निवासी कहा जाने लगा। उनके दादा हाजी गफूर खान का कोयले की ठेकेदारी का व्यवसाय था। उनके 8 बेटों के कुल 24 पुत्र है। हमारे परिवार का आपसी प्रेम व दूसरे समाज के प्रति भाईचारा परिवार की विशेष पहचान है। यही वजह है कि ईद मिलन के लिए सभी छोटे बड़े सदस्य इकट्ठा होते है। आते-जाते अन्य लोगों को भी सिवइयां खिलाकर मुंह मीठा करवाया।

हफिज साहब के बेहतर स्वास्थ्य की दुआ मांगी:- इस बार परिवार के अब्दुल हफीज खान साहब अस्वस्थ है। इसलिए परिवारजनों ने इनके बेहतर स्वास्थ्य की अल्लाह से दुआ मांगी। इन्हें भी खूब ईद मुबारकबाद दी गई।

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