सिस्टम पर बड़ा सवाल, नियमित जांच नहीं..?, शिकायत के बाद सील की सांची स्टॉल, ट्रेनों में धड़ल्ले से अवैध बिक्री
-शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू की स्टॉल की जांच व कार्रवाई।
न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 व 2 पर एक्सपायरी डेट की कोल्ड्रिंक बिक्री का माला उजागर होना स्टेशन पर नियुक्त सीएमआई सहित अन्य अधिकारियों की लापरवाही दर्शाने के लिए काफी है। खुलेआम यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। मामले में महेंद्र भंडारी तथा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत सह संयोजक अनुराग लोखंडे ने शिकायत पुस्तिका में मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मौके पर पहुंचे कमर्शियल विभाग सहित अन्य अधिकारी ने प्लेटफॉर्म नंबर 2 स्थित सांची स्टॉल को सील किया है।
मालूम हो कि इंदौर के लिए ट्रेन में बिठाने आए महेंद्र भंडारी ने बेटे को प्लेटफॉर्म नंबर 1 की खानपान स्टॉल से लिम्का बोतल खरीदी। तब इसमें अंकित एक्सपायरी डेट की वैधता निकल चुकी थी। आपत्ति दर्ज कराई तो स्टॉल संचालक कालू ने कहा कि सप्लायर जयंत इंटरप्राइजेज से उन्होंने बोतल मंगवाई है। जब फर्म के सुभाष जैन से जानकारी मांगी तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर भंडारी ने ग्राहक पंचायत के अनुराग लोखंडे तथा सुनिल दुबे को बुलवाया। जयंत इंटरप्राइजेज की प्लेटफॉर्म नंबर 2 स्थित सांची स्टॉल से भी लिम्का खरीदी तो इसमें भी एक्सपायरी डेट की वैधता की तारीख 19.1.2025 अंकित थी। यह दिनांक निकल जाने के बावजूद धड़ल्ले से बेची जा रही थी।
मामले में ट्वीट के बाद शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सीएमआई सहित अन्य अधिकारी ने स्टॉल की जांच की। शिकायत के आधार पर इसे सील किया गया।
ट्रेनों में धड्ल्ले से चल रही अवेध बिक्री :- इधर, रतलाम मंडल से गुजरने वाली बगैर पेंट्रीकार वाली साप्ताहिक ट्रेनों में अवैध तरीके से खानपान सामग्री सहित बगैर अप्रुअल की पानी बोतलें धड़ल्ले से बेची जा रही है। इसकी जांच के लिए आरपीएफ सहित कमर्शियल विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की जिम्मेदारी है। लेकिन सांठगांठ के चलते लाखों रुपए का अवैध काम खूलेआम किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबबिक डाट की पुलिया के आगे आउटर पर ट्रेन खड़ी रहने के दौरान इसमें बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री सहित सैकड़ों कैरेट लोकल पानी की बोतलें चलाई जा रही है। बाद में इन्हें एसी कोच सहित अन्य कोचों में ऊंचे दामों पर वैंडर बेच रहे है। हालात यह है कि ट्रेनों में इनकी जांच व धरपकड़ नहीं होने से अवैध कारोबार माह दर माह फलफूल रहा है। बल्कि इन्हें बताए जा रहे चिन्हित स्थान से ही खाद्य सामग्री चढ़ाने की मंजूरी दी जा रही है।
