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गुलाब चक्कर का दिखेगा गजब स्वरूप…परमार कालीन प्राचीन मूर्तियों को सहेजा जाएगा, विकसित करेंगे परिसर

-कलेक्टर राजेश बाथम ने अधिकारियों के साथ किया गुलाब चक्कर का निरीक्षण।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। शहर के पुराने कलेक्टोरेट परिसर में स्थित गुलाब चक्कर को विकसित कर इस स्थान को नया स्वरूप दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि वहां सांस्कृतिक विरासत की प्राचीन मूर्तियां सुव्यवस्थित ढंग से सहेज कर रखी जाएगी। इसके लिए कलेक्टर राजेश बाथम ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। कार्ययोजना भी बनाई गई।
मालूम हो कि 23 जुलाई 2024 प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने ऐसी मंशा जताई थी कि शहर के पुराने कलेक्टोरेट स्थित गुलाब चक्कर का विकास किया जाएं। अब आगामी दिनों में यह स्थान नए स्वरूप में दिखाई देने लगेगा। वहां रखी सांस्कृतिक धरोहर ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व की देवी देवताओं की विशिष्ट मूर्तियां को सुव्यवस्थित ढंग से रखा जाएगा।

कलेक्टर बाथम निरीक्षण के दौरान उस कक्ष में पहुंचे जहां प्राचीन 10वीं शताब्दी से 15वीं शताब्दी की परमार कालीन मूर्तियां रखी हुई है। कलेक्टर ने निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि इन मूर्तियों की व्यवस्थित सफाई की जाएं। इस सांस्कृतिक धरोहर को विशिष्ट ढंग से सहेज कर रखा जाए। साथ मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हमारे जिले की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित ढंग से सहेजने का काम सुंदर स्वरूप में किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि गुलाब चक्कर को विशेष रूप से शहर के लिए एक विशिष्ट सांस्कृतिक मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर आर एस मंडलोई, एसडीएम अनिल भाना, शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी अरुण पाठक आदि उपस्थित थे।

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