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विजिलेंस कार्रवाई….इंदौर पार्सल ऑफिस में डिलीवरी क्लर्क की जांच, शासकीय केश के अलावा निकली राशि

-हुज्जत के बीच विजिलेंस ने आखिरकार बनाया क्लर्क के खिलाफ प्रकरण।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रतलाम रेल मंडल के इंदौर स्टेशन स्थित पार्सल ऑफिस में शुक्रवार की विजिलेंस टीम की दबिश ने हडकंप मचा दिया। मौके पर क्लर्क के काउंटर से शासकीय केश से अधिक राशि मिली। यह राशि रेलवे कोष में जमा करवाकर संबंधित क्लर्क के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
बता दें कि इससे पहले भी वर्ष 2021 में विजिलेंस चेक में ऐसे ही अघोषित अधिक रकम डिलीवरी क्लर्क के काउंटर पर मिली थी। सरकारी केश में अधिक रकम मिलना पार्सल व्यापारियों से साठ गाठ को दर्शाता है।

सामान छुड़वाने के एवज में अनुचित वसूली

प्राप्त जानकारी के मुताबिक विजिलेंस टीम को यह गुप्त सूचना मिली थी कि इंदौर स्टेशन के पार्सल ऑफिस में डिलीवरी क्लर्क द्वारा सामान छुड़वाने के एवज में अनुचित रकम वसूल की जाती है। इस सूचना के आधार पर विजिलेंस टीम के पांच सदस्यों ने मिलकर शुक्रवार सुबह इंदौर स्टेशन के पार्सल कार्यालय को चेक किया।
आकस्मिक हुई जांच में जब डिलीवरी क्लर्क का सरकारी केश चेक किया तो उसमे 125 रूपए अधिक निकले। इसके अलावा इनके काउंटर से 1700 रुपए से अधिक की राशि मिली। इसका कोई लेखा नहीं पाया गया।
विजिलेंस टीम द्वारा पूरा केश रेलवे खाते में जमा करवा दिया।

हुज्जत के बीच किया प्रकरण दर्ज

मामले में यह भी जानकारी मिली कि जांच के दौरान गहमागहमी व हुज्जत भी हुई। पार्सल कर्मचारी द्वारा विजिलेंस टीम से अनावश्यक बहस करते हुए असहयोग करने का पूरा प्रयास किया। पकड़े जाने के पश्चात विजिलेंस टीम के ऊपर ही अनर्गल आरोप भी लगाए गए। कर्मचारी द्वारा एक इंस्पेक्टर को यह तक बोल दिया कि यह अघोषित रकम आपने ही मेरे काउंटर में डाल दी होगी।
बाद में सुपरवाइजर व अन्य स्टाफ द्वारा समझाने पर मामला शांत हुआ। अंततः अघोषित रकम को रेलवे खाते में जमा करवाकर विजिलेंस द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया। मामले में जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा से संपर्क करना चाहा। लेकिन फोन नही रिसीव किया गया।

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