Logo
ब्रेकिंग
रतलाम मंडल में ‘छोटे साहबों’ के बड़े कारनामे: किसी पर चढ़ा ‘सिलसिला’ का सुरूर, तो कोई खा गया दिल्ली ... अवध एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में जांच....बगैर अप्रूवल पानी की बोतलें और पाव जब्त, ट्रेन की पेंट्रीकार... वशिष्ठ की विशिष्ट उपलब्धि.... अवॉर्डी बास्केटबॉल खिलाड़ी संजय वशिष्ठ अब ऑल इंडिया चयन समिति में बने ... जेसी बैंक की 113वीं आम सभा: अंशधारकों के लिए कई ऐतिहासिक फैसलों पर लगी मुहर, डिविडेंड और लोन स्लैब म... श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति.....46 साल की स्वस्थ शैक्षणिक परंपरा पर सवाल, अब आंतरिक कल... Decision of J.C. Bank AGM.....उज्जैन के आयोजन में नया सेटेलाइट काउंटर शुरू करने का भी महत्वपूर्ण निर... शिक्षा मंत्री जी, श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी में बच्चों के खेल भविष्य से खिलवाड़….भाजपा नेता ने शिक... रतलाम मंडल में CRB के कड़े रुख का असर....जागा रेलवे प्रशासन, उज्जैन में अधिकारियों का डेरा, 10 दिन का... धार में बाबा धारनाथ की राजसी सवारी में रचा गया इतिहास: पं. कुलदीप गुरु ने 9 घंटे 11 मिनट की अखंड आरत... रतलाम रेलवे प्लेटफॉर्म 7 की ओर शेड में फंदे से लटका मिला युवक का शव, जेब से मिले आधार कार्ड से हुई प...

‘रूप’ नहीं दिल के भी ‘नारायण’ रहे सुनकर, अकल्पनीय कार्यों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे रेलवे बोर्ड सदस्य

-सेवानिवृत्त होने पर विभिन्न संगठनों ने किया इंफ्रास्ट्रक्चर किंग का सम्मान।

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम, नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड सदस्य रूप नारायण सुनकर एक ऐसा नाम है, जिसने रेलवे को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इसके साथ ही रेलवे को आधुनिकता प्रदान की है। जिनकी कार्यप्रणाली ने जहां भारतीय रेलवे को मजबूती प्रदान की, वहीं रेलवे के कर्मचारियों के हितों की रक्षा भी की। ऐसे कर्मठ तथा गौरवशाली अधिकारी रेलवे बोर्ड सदस्य (इंफ्रास्ट्रक्चर) रूप नारायण सुनकर को हमेशा उनके बेहतरीन कार्य के लिए याद किया जाएगा। 31 दिसंबर 2023 को यानी साल के अंतिम दिन सेवानिवृत हुए तो बिदाई समारोह में मौजूद अतिथियों के यहीं उद्गार रहे। नई दिल्ली के रेल भवन में 29 दिसंबर 2023, को उनकी भव्य बिदाई की गई।

फ़ोटो कैप्शन: बिदाई समारोह के दौरान रेलवे बोर्ड सदस्य सुनकर से गले लगते आईईडब्ल्यूएआई महासंघ के संरक्षक शिवगोपाल मिश्रा।

इस मौके पर भारतीय शैली कुश्ती महासंघ (आईईडब्ल्यूएआई) के पदाधिकारियों के द्वारा पुष्प माला, माता रानी की चुन्नी व ‘गदा (गुर्ज)’ भेंट की गई। जिसमें भारतीय रेलवे यूनियन (एआईआरएफ) के महामंत्री एवं भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के संरक्षक, कामरेड शिवा गोपाल मिश्रा, ज्ञान सिंह, ओलम्पियन पहलवान (ध्यानचंद अवार्डी), दिनेश सूद, प्रमुख निजी सचिव/ मेम्बर इंफ्रा, बी.पी चौधरी (ओएसडी/एआईआरएफ), सुनील झाँजी, मुख्य यातायात निरीक्षक/उत्तर रेलवे, गौरव रोशनलाल, (महासचिव) भारतीय शैली कुश्ती महासंघ एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
हालांकि रेलवे बोर्ड सदस्य सुनकर के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का मन उनके बिदाई के वक्त दुखी था। लेकिन रेल भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुशी और गम के साथ उनकी बिदाई की।

जरूरतमंदों के सहयोग के लिए सदैव रहे तत्पर

सुनकर एक ऐसी महान शख्सियत हैं जो रेलवे के कर्मचारी और जरूरतमंदों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहा करते थे। उनकी विनम्रता और संस्कार उनकी भाषा से झलकता रहा। जिनका प्रशासनिक काल, अत्यंत गंभीरता, निष्ठा एवं समर्पण भाव से क्रियान्वित रहा। सुनकर रेल मंत्रालय में सबसे सुशिक्षित अधिकारियों में भी शुमार रहे हैं। बी-टैक, एलएलबी, पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा (एनवायरमेंट व सस्टेनेबल डेवलपमेंट तथा डिजास्टर मैनेजमेंट) में शिक्षित है।
बिदाई समारोह में महासंघ के मिश्रा ने कहा कि रेलवे बोर्ड सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उच्च पद पर रहते हुए भी सभी वर्ग के साथियों को सुनकर जी का आशीर्वाद सदैव प्राप्त रहा। इनके विलक्षण व्यक्तित्व एवं प्रेरणादायी कार्यप्रणाली से समस्त अधिकारी व कर्मचारीगण सदैव ऊर्जावान रहेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.