-शुक्रवार को दोपहर 3 बजे आयोजित जनजागरण कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने लिया फैसला।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। म.प्र.विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा शुक्रवार को दोपहर 3 बजे जनजागरण कार्यक्रम किया गया। जिसमें समस्त संगठनों के पदाधिकारी के साथ समस्त नियमित अधिकारी, कर्मचारी, संविदा अधिकारी कर्मचारी एवं आउटसोर्स कर्मचारी सम्मिलित हुए। जनजागरण कार्यक्रम में संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि मध्य प्रदेश विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा सभी कैडर की मांग को शामिल कर संयुक्त संघर्ष का निर्णय लिया गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों को वापस रखे जाने, उनकी न्यूनतम वेतन तय करने, बीमा,जॉब सिक्योरिटी की मांग रखी गई है। संविदा अधिकारियों कर्मचारियों के 4 जुलाई की घोषणा अनुसार आदेश प्रसारित करने, इंटर कंपनी ट्रांसफर, 2013 के संविदा को नियमित करने, नियमित अधिकारियों कर्मचारियों की विभिन्न मांगे ओ3 स्टार समाप्त कर ओ3 लागू करने,6510-7440 वेतन विसंगति, कनिष्ठ अभियंता की वेतन विसंगति 3200 से 4100 ग्रेड पे, फ्रिंज बेनेफिट्स, हायर क्वालिफिकेशन, ट्रांसमिशन क्लास4, क्लास3 मामला उठाया जाएगा। इसी तरह टी.बी.सी.बी.रोकने, निजीकरण न करने, फीडर कैडर क्लॉज समाप्त करने, पेंशन समेत 13 सूत्रीय मांग रखी गई है। जिसके लिए म.प्र.विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में ध्यानाकर्षण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री से मांग की जा रही है कि विद्युत विभाग के समस्त नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कार्मिकों की मांगों/समस्याओं का समाधान किया जाए