DRI का बड़ा एक्शन: बांद्रा एक्सप्रेस के AC 1st क्लास कोच से नाइजीरियाई महिला गिरफ्तार, 2 किलो एम्फेटामाईन ड्रग्स ज़ब्त
रतलाम। नशीले पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ जारी देशव्यापी अभियान में इंदौर राजस्व बुद्धिमत्ता निदेशालय (DRI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। DRI की इंदौर टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हरिद्वार-बांद्रा एक्सप्रेस में दबिश दी। AC फर्स्ट क्लास (A-1) कोच में सफर कर रही एक नाइजीरियाई महिला को रंगे हाथों धर दबोचा। महिला के पास से 2 किलोग्राम संदिग्ध सफेद एम्फेटामाईन ड्रग्स बरामद हुई है।
बैग के गुप्त पाउच में छिपाई गई थी करोड़ों की खेप:- DRI को सूचना मिली थी कि ट्रेन के ज़रिए मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है। जैसे ही ट्रेन इंदौर-रतलाम रेल मंडल के क्षेत्र में पहुंची, अधिकारियों ने संदेहास्पद कोच को घेर लिया।
महिला के सामान की बारीकी से तलाशी लेने पर उसके ट्रैवल बैग से एक भूरे रंग का सीक्रेट पाउच मिला। पाउच खोलने पर अंदर सफ़ेद रंग का संदिग्ध नशीला पदार्थ पाया गया, जिसे टीम ने तुरंत ज़ब्त कर सील कर दिया। अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में एम्फेटामाईन की कीमत इसकी शुद्धता के आधार पर ₹2 करोड़ से ₹6.6 करोड़ प्रति किलोग्राम ($24,000 से $80,000/kg) तक हो सकती है। पकड़ी गई खेप का अंतिम मूल्यांकन इसकी प्योरिटी जांच के बाद तय होगा।
बता दें कि एम्फेटामाईन भारत में NDPS एक्ट (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत एक प्रतिबंधित/नियंत्रित पदार्थ है। बिना वैध मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के इसे रखना, खरीदना या बेचना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश:- गिरफ्तार महिला से DRI की टीम बंद कमरे में गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है? यह महंगी ड्रग्स किस शहर में और किसे डिलीवर की जानी थी?
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों की नज़र से बचने के लिए तस्कर अब वीआईपी और प्रीमियम ट्रेनों के एसी कोच का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, DRI की मुस्तैदी ने तस्करों के इस पैंतरे को नाकाम कर दिया। इस गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ होने की उम्मीद है।
क्या है एम्फेटामाईन और क्यों है यह खतरनाक?:- चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एम्फेटामाईन एक अत्यधिक शक्तिशाली सेंट्रल नर्वस सिस्टम (CNS) स्टिमुलेंट (उत्तेजक) है। यह दिमाग और तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों को अस्वाभाविक रूप से तेज़ कर देता है।
– डॉक्टरी उपयोग: इसका उपयोग केवल डॉक्टर की सख्त देखरेख में ADHD (एकाग्रता की कमी), नार्कोलेप्सी (दिन में अत्यधिक नींद आने की बीमारी) और बिंग ईटिंग डिसऑर्डर के इलाज में सीमित मात्रा में किया जाता है।
– अवैध इस्तेमाल और खतरे: गैर-कानूनी तरीके से इसे ‘स्पीड’ या पार्टी ड्रग्स के रूप में बेचा जाता है। छात्र या एथलीट अक्सर ऊर्जा और सतर्कता बढ़ाने के लिए इसका गलत इस्तेमाल करते हैं, जो सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
