FLASHBACK….. पिता स्व. राधेश्याम तिवारी की सेवा-समर्पण की विरासत को बखूबी बढ़ा रहे, नाम पुकारते ही चले आते है अशोक भाई
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। ट्रेड यूनियन के अस्तित्व में अशोक तिवारी ऐसा व्यक्तित्व है, जो संघर्ष की दुनिया में हर कर्मचारी के साथ हर वक्त खड़े रहते हैं। वर्ष 2020 में कोरोना काल हो या आमदिन….। कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले शख्स है। यह गुण पिताजी स्व. श्री राधेश्याम तिवारी की विरासत से जुड़ा है। क्योंकि स्व. तिवारी यूनियन के पूर्व मंडल अध्यक्ष रहते हर कर्मचारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनके नियमित काम करते रहे है।वर्ष 1999 में पिता का हृदयघात से निधन हो गया। यूनियन कार्यालय में ही उन्होंने अंतिम सांस ली थी। ऐसे व्यक्तित्व के सुपुत्र अशोक तिवारी ने अप्रैल 2000 में रेलवे में कदम रखते हुए अपने पिताजी के सदमार्ग पर चलने की ठानी। तब से लेकर अभी तक हर छोटी समस्या को वह गंभीरता से सुनते हुए कर्मचारियों के हितों में काम करते हैं।

सीनियर रेलवे इंस्टिट्यूट में नियमित कर्मचारियों का सहयोग मिलता रहा और विजय होते रहे। इंस्टिट्यूट में बैडमिंटन कोर्ट और बाहरी मैदान में सौंदरीकरण, रेल कर्मचारियों के मकान की मरम्मत, न्यू रेलवे कॉलोनी में बाल उद्यान में सौंदर्यकरण जैसे काम इनकी फेहरिस्त में है। बल्कि मंडल रेल प्रबंधक वार्ता तंत्र के मुद्दे, भाइयों के लिए मेडिकली काम, पॉइंट्स भाइयों के काम, टिकट चेकिंग स्टाफ़ की समस्या या मंडल एवं अन्य कार्यालय की समस्याओं के हर मुद्दे को उठाया है। यूनियन में 25 वर्षों से नियमित सक्रिय भूमिका में संगठनात्मक गतिविधियों में अग्रणी रहे है। फलस्वरुप आज उन्हें जेसी बैंक प्रत्याशी के रूप में उन्हें मौका दिया। तिवारी अपने साथ उम्मीदवार अर्पित जैन के साथ में चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। वही जोनल महिला में नमिता कुमायूं भी इनके साथ सशक्त महिला प्रत्याशी है।
डीजल शेड में गेट मीटिंग:- पिछले दिनों यूनियन ने डीजल शेड में गेट मीटिंग आयोजित की। इसमें मंडल मंत्री मनोहर बारठ सहित अन्य पदाधिकारियों ने कर्मचारी हित में किए कामों को बताया। इस दौरान उनके साथ उम्मीदवार अशोक तिवारी, अर्पित जैन व जोनल महिला में नमिता कुमायूं भी इनके साथ सशक्त महिला प्रत्याशी के रूप में मौजूद थी।
