सीबीआई का हंटर….पांच रेलकर्मियों का दोबारा मांगा वेरिफिकेशन, कोई लेंड फ़ॉर जॉब का दागदार तो किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जैसी जांच एजेंसी को कितने हल्के में लिया जाता है। इसका उदाहरण सीधे पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में देखा जा सकता है। सीबीआई जांच में शामिल 5 कर्मचारियों के अलग-अलग मामलों में सीबीआई को वेरिफिकेशन करना है। इसके लिए दो बार बाकायदा प्रशासनिक तौर पर लेटर भेजे जा चुके है। लेकिन पर्याप्त जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसी स्थिति में सीबीआई एजेंसी ने चर्चगेट मुंबई मुख्यालय के एसडीजीएम व सीवीओ ऑफिस के माध्यम से दोबारा जानकारी मांगी। यहां से रतलाम मंडल के गोपनीय विभाग को 3 दिसंबर 2025 यानी बुधवार को लेटर भेजा है। इसमें आरोपित कर्मचारियों की जन्म तारीख, शिक्षा तथा इससे जुड़े सर्टिफिकेट मांगे गए है। इससे कि जांच आगे बढ़ाई जा सके। साथ ही यह तय किया जा सके कि संबंधित कर्मचारी वहीं है, जिसके बारे में जांच चल रही है।
कई मामलों में आरोप, दिल्ली भी किए गए तलब:- जिन कर्मचारी पर शिकायत है। उनमें से कुछ पर लेंड फ़ॉर जॉब के आरोप है। बताया जा रहा कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते जमीन के बदले नौकरी के मामले है। इन्हें पिछले साल पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किया जा चुका है। जबकि टिकिट चेकिंग में कार्यरत कर्मचारी पर ट्रेन वर्किंग के दौरान घूसखोरी (कोच में इंट्री के बदले रुपए वसूली) के आरोप है।जांच का दायर बढ़ सकता है। मामले में सीबीआई से जुड़े सूत्र बताते है कि इन कर्मचारियों की जानकारी को लेकर संबंधित विभाग द्वारा सहयोग नहीं करना गंभीर है। इसे लेकर चर्चगेट पर दोबारा रिमाइंडर किया गया है।
इन कर्मचारियों की मांगी गई जानकारी:- रेल मंडल में जिन 5 कर्मचारियों की वेरिफिकेशन डिटेल मांगी गई है। वे रतलाम मंडल में अलग-अलग विभाग में कार्यरत है। पी लोकेगावकर डिप्टी सीवीओ (ए) सीसीजी द्वारा जारी लेटर में 15 दिनों के अंदर कर्मचारियों की वेरिफिकेशन डिटेल भेजने के लिए चेतावनी दी गई है। आदेश में जिन कर्मचारियों के नाम है, उनमें अवधेश कुमार सीएचओएस (स्टोर विभाग), अनिल कुमार डिप्टी सीटीआई (कमर्शियल), बाबुलाल राय ड्रेसर (रेलवे हॉस्पिटल), दिलीप कुमार राय (इलेक्ट्रिकल) व पप्पू कुमार टी/मेन-1 शामिल है। जारी किए गए लेटर में सभी के पीएफ नंबर सहित एचआरएमएस कोड भी दर्शाए गए है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि लेंड फ़ॉर जांच मामले में कमर्शियल विभाग के टिकिट चेकिंग में कार्यरत मूलतः बिहार राज्य के कुछ कर्मचारी भी शामिल है। इस श्रेणी की जांच का दायरा बढ़ सकता है।
जिन 5 कर्मचारियों की डिटेल मांगी गई है। यदि समयावधि में डिटेल न भेजने या जांच में सहयोग नहीं करने पर अगली कार्रवाई सुनिश्चित करने की संभावना है।
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