-‘एमएस’ से निकलकर ‘यू’ में पहुंचे वाज़िद, अब सीधे ‘एमएस’ से ही टक्कर
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे जेसी बैंक के चुनाव की पूर्व तैयारियों में अब तक चल रही उम्मीदवारों की घोषणा जैसी सामान्य स्थिति सोमवार को भूगर्भीय हलचल जैसी रही। दो दिन पहले वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ द्वारा दो उम्मीदवारों की घोषणा की थी। लेकिन दौड़ में शामिल पूर्व डायरेक्टर वाज़िद खान को टिकिट नहीं मिला। बाद में कयास थे कि वाज़िद निर्दलीय चुनाव में उतरेंगे। लेकिन शाम को वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन ने दो उम्मीदवारों की घोषणा की। इसमें वाज़िद के नाम की घोषणा ने सभी को चौंका दिया। वाज़िद के साथ इनके कट्टर साथी मजदूर संघ के सीडब्ल्यूसी मेंबर महेंद्र सिंह राठौर सहित अन्य कर्मचारी भी यूनियन में शामिल हो गए।
दिनभर चली पैतरेबाजी….यूनियन के टिकिट को लेकर दिनभर पैतरेबाजी का दौर चला। वाज़िद खान व महेंद्र सिंह राठौर दिनभर डीआरएम ऑफिस में केबिनों तथा कार्यालयों के हाल में घूमकर अपने फैसले की रायशुमारी करते रहे। वाज़िद अपने साथी महेंद्र के साथ हाथ में इस्तीफा लेकर शाम को मजदूर संघ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मंडल मंत्री अभिलाष नागर को इस्तीफा दिया। कहा, मजदूर संघ के 30 साल तक ईमानदारी से काम किया। अब आंतरिक स्थिति को देखते इससे ज्यादा नहीं रुक सकते है, धन्यवाद। इसके बाद दोनों अपने अन्य साथियों के साथ यूनियन कार्यालय पहुंचे और कुछ देर बाद वाज़िद को एक पद के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया। जबकि अन्य पद के लिए अशोक तिवारी के नाम पर मुहर लगाई गई।
ये कर्मचारी मजदूर संघ छोड़कर आए यूनियन में:- वाजिद खान के साथ महेंद्र सिंह राठौर, अरविंद शर्मा (उपाध्यक्ष, यांत्रिक शाखा), विनोद पवार, साजिद खान, जयपाल सिंह, अनवर हुसैन, शकील कुरैशी, देवी लाल, हरिओम, राकेश मीणा, मनकेश मीणा, एंथोनी, राहुल, राजेंद्र सिंह सोढ़ी, सुधांशु जोशी, चेतन प्रकाश, विनोद मेहता, प्रशांत सारस्वत, शमशुद्दीन, नंद किशोर मीणा, राजेश प्रसाद, चिराग जैन सहित अनेक कर्मचारी शामिल रहे।

लक्ष्मण की तरह चल दिए महेंद्र:- इस पूरे चुनावी घटनाक्रम में मजदूर संघ के सीडब्ल्यूसी मेंबर रहे महेंद्र सिंह राठौर ने रामायण के लक्ष्मण की भूमिका निभाई। हालांकि वाज़िद के कट्टर समर्थक रहे महेंद्र चुनावी उम्मीदवारी की दौड़ में शुरू से नहीं थे। लेकिन टिकिट वितरण को लेकर असंतोष आक्रोश में बदल गया। इसके बाद दो दिन के अंतराल में ही यूनियन में शामिल होने की अंदरूनी तैयारियां कर ली गई। इधर, यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि आईटी क्षेत्र में सिद्धहस्त महेंद्र की प्रतिभा का लाभ इस संगठन को भरपूर मिलेगा। इन्हें आगे कुछ जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
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