न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेलवे जेसी बैंक के आगामी चुनाव के लिए रेल संगठनों द्वारा उम्मीदवारों के नामों पर मोहर लगने की तारीख मुक़र्रर होने के मुहाने पर है। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ व वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के मंडल मंत्रियों द्वारा संगठनों के दावेदारों के नाम अपने महामंत्रियों के समक्ष भेजे जाने की बात सामने आई हैं। सम्भवतः शुक्रवार या अगले दो दिनों में उम्मीदवार के नामो की घोषणा कर दी जाएगी।
हालांकि चुनाव लड़ने की चाह में ख़ुद को संभावित उम्मीदवार मानकर कुछ कर्मचारियों ने पखवाड़े से मेलजोल शुरू कर दिया था। लेकिन कुछ गोपनीय मीटिंग व कुछ नकारात्मक संकेत मिलने से निराश दावेदार अब आक्रोश भरे लहज़े में भी बात करते दिखाई दे रहे है।
बता दें कि जेसी बैंक के चुनाव के लिए फाइनल नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इसके मुताबिक नवंबर से जनवरी 2025-26 के दरमियान चुनावी शेड्यूल भी निर्धारित है।
प्रमुख संगठनों में रहेगी टक्कर:- जेसी बैंक प्रबंधन पर फिलहाल वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के उम्मीदवार काबिज है। इसी संगठन से वाज़िद खान व श्रीमती नीलम कौर ने पिछले चुनाव जीते है। जेसी बैंक की जीत के बाद के चुनावों में कुछ यूनियन तो मजदूर संघ का बेहतर प्रदर्शन रहा। लेकिन इस बार के जेसी बैंक के चुनाव कशमकश भरे रहेंगे। इससे इंकार नहीं किया जा सकता। इस चुनाव में मजबूत उम्मीदवार निर्दलीय भी चुनावी मैदान में ताल ठोकेंगे। इससे संगठनों की के जीत के समीकरण बिगड़ भी सकते है।
उम्मीदवार को लेकर नाम पहुंचे मुंबई:- जेसी बैंक चुनाव के डायरेक्टर पद की उम्मीदवारी के लिए नामों के कयास को अब लगभग विराम लगने वाला है। रेल संगठन के सूत्रों से जानकारी मिली है कि यूनियन व मजदूर संघ ने कुछ नाम महामंत्री के अवलोकनार्थ भेज दिए है। बताया जा रहा है कि मजदूर संघ से सचिन मिश्रा, राजेंद्र चौधरी, गौरव दुबे, मंडल मंत्री अभिलाष नागर सहित एक अन्य का नाम शामिल है। जबकि यूनियन से पैनल बनाकर महामंत्री जेआर भोसले को चार नाम भेजे गए है। यूनियन सूत्र बताते है कि इस बार संगठन पूरी तरह से जीत की संभावना वाले उम्मीदवारों पर ही दाव खेलेंगी। बल्कि दावेदार का संगठनात्मक गतिविधि से जुड़े चार्ट का आंकलन भी करेगी।
सकारात्मक फ़ैसले की उम्मीद:- इधर, वर्तमान डायरेक्टर वाज़िद खान को लेकर असमंजस की स्थिति एक-दो दिन में साफ हो जाएगी। दरअसल 5 साल कार्यरत रहने के बाद चुनाव लड़ने की अयोग्यता को लेकर दायर याचिका का फैसला गुरुवार को आने की सूचना मिली है। इसकी मूल कॉपी आने के बाद चुनावी स्थिति भी साफ होगी। दूसरी ओर पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद भी दोनों संगठनों के उम्मीदवारों के इंतज़ार में है। बताया जा रहा है कि परिषद मान्यता प्राप्त संगठन के किसी विजयी रहे उम्मीदवार को टिकिट देकर एक सीट सुरक्षित करने के मूड़ में है। जबकि दूसरे अन्य पद के लिए मीणा समाज से उम्मीदवार उतारने की पूरी संभावना है।
