न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। रेल अधिकारी यदि किसी कर्मचारी पर मेहरबान हो तो फिर उसके खिलाफ कितना भी आरोप दर्ज हो। उसका बाल भी बांका नहीं होने दिया जाएगा। दुष्कर्म के आरोपी अजहर पिता अफजल खान निवासी नाहरपुरा रतलाम के मामले में भी ऐसा कुछ दिखाई दिया। अधिकारियों ने एक बार फिर इस पर मेहरबानी बरपा दी। बुधवार को फिट सर्टिफिकेट के आधार पर इसे ज्वाइनिंग दे दी गई।
दरअसल अजहर पर पुलिस प्रकरण दर्ज है। ढाई से तीन माह तक वह अपसेन्ट रहा है। इसके बाद भी बैकडोर एंट्री करवाकर ज्वाइन करवा दिया गया। एक बार फिर रेल संगठन से जुड़े एक बड़े नेता के हस्तक्षेप ने अधिकारियों पर दबाव बनाएं जाने की बात सामने आई है।
बता दें कि आरोपी अजहर खान को लेकर महिला के परिजनों की सूचना व पीड़िता की शिकायत पर स्टेशन रोड पुलिस थाना में 30 जून को प्रकरण दर्ज किया था। इसी मामले को लेकर उसके साथ डीआरएम ऑफिस के बाहर मारपीट भी हुई। हालांकि हाई कोर्ट से इसे अग्रिम जमानत दे दी गई।
बुधवार को दोपहर में अजहर डीआरएम ऑफिस पहुंचा। बताया जा रहा कि सरकारी अस्पताल से वह फिट सर्टिफिकेट लेकर आया। इसके बाद मामला सीनियर डीईएन समन्वय पीयूष पांडेय तक पहुंचा। इसके बाद इसकी ज्वाइनिंग के इंतजाम किए गए।
पूर्व में एक दिन के लिए ज्वाइन हुआ था:- इससे पहले सितंबर माह में एक दिन के लिए अजहर ज्वाइन हुआ था।
इसने इंचार्ज एसएसई नार्थ राजेंद्र शर्मा से संपर्क किया। तब भी अजहर से लिखवाकर 21 सितंबर को ज्वाइन करवाया गया था। असिस्टेंट लोको पायलट की विभागीय परीक्षा में यह शामिल हुआ। इसके तुरंत बाद वह सिक पर उतर गया।
विभाग ने पुलिस से जानकारी मांगी, नही थमाया नोटिस:- मामले में यब बड़ी बात है कि अजहर को लेकर विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि कुछ दिनों पूर्व में विभाग ने पुलिस से लिखित में जानकारी मांगी थी। इसके बाद अजहर दूसरी बार ज्वाइन होने आया। बावजूद इस पर कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
