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इसे कहते है इंसानियत….टीटीई ने पद का सम्मान बढ़ाया, कोच में यात्री का छूटा 6 हजार रूपयों से भरा पर्स लौटाया

न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। कोच में टिकिट चेकिंग के दौरान टीटीई द्वारा हाल ही में दुर्व्यवहार की हरकतें सार्वजनिक हुई थी। इसके विपरित दूसरी तस्वीर टीटीई द्वारा ईमानदारी की पेश करने की मिसाल में देखने को मिली। जब यात्री का कोच में छूटा रुपयों से भरा पर्स लौटाकर इंसानियत व ईमानदारी का परिचय दिया गया। पर्स में 6 हजार रुपए रखे थे। टीटीई की चेकिंग स्टाफ में जमकर तारीफ़ हो रही है।
बता दें कि पिछले सप्ताह ही रिटायरमेंट के नजदीकी समय वाले टीटीई ने दिव्यांगजनों के कोच में सवार
एडीआरएम के दिव्यांग माली के साथ
दुर्व्यवहार किया था। उसके साथ गाली-गलौज की थी। यात्री की शिकायत पर एडीआरएम ने टीटीई को अपने चेम्बर में तलब कर खूब लताड़ा था। तब कही जाकर घिघियाते, मिमियाते इस टीटीई ने माफी मांगी थी।

ऐसी कोच में छुटाथा पर्स:- दूसरी ओर एक अन्य टीटीई की ईमानदारी का मामला गुरुवार 17 अप्रैल को देखने को मिला। ट्रेन संख्या 12903 में एक यात्री का पर्स A/2 में 20 नंबर बर्थ पर रह गया। ट्रेन में कार्यरत रतलाम मंडल के टीटीई (सीटीआई) मुनेश मीणा को यह पर्स मिला। अपने प्रयासों से पर्स की यात्री तक सूचना पहुंचाई। ट्रेन नागदा आने पर पर्स आरपीएफ को सुपुर्द किया। पर्स में 6 हजार रुपए तथा जरूरी कागजात रखे थे।
बता दें कि सीटीआई मुनेश मीणा टिकिट चेकिंग संस्था आईआरटीसीएसओ के अध्यक्ष है। इनके साथी भी यात्रियों की इसी तरह सेवा व सहयोग में जुटे रहते है।

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