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ट्रेनिंग: स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने मेडिकल कॉलेज पहुंच लिया विषयों की तकनीकी का ज्ञान, देखे प्रेक्टिकल

उत्कृष्ट स्कूल में 80 शिक्षकों पांच दिवसीय प्रशिक्षण, एक दिन किया मेडिकल कॉलेज भ्रमण।
मंगलवार को हुआ प्रशिक्षण का समापन, शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र वितरित।

न्यूज जंक्शन-18
रतलाम। रोज स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर साइंस के विषयों का तकनीकी ज्ञान सीखा। बल्कि कुछ प्रेक्टिकल भी नजदीक से देखे।
दरअसल कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों का उत्कृष्ट स्कूल में पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी शिक्षकों को एक दिवसीय भ्रमण के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
प्रशिक्षण का मंगलवार को समापन हुआ।
रतलाम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने संबोधित करते कहा कि जीव विज्ञान को केवल पुस्तकों से नहीं प्रकृति के साथ-साथ वातावरण में रहकर ही समझा जा सकता है उन्होंने विस्तार से जानकारी दी। कॉलेज के जलज चतुर्वेदी ने कहा कि जीव विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है। शिविर प्रबंधक अशोक लोढ़ा ने कहा कि एक शिक्षक अच्छा डॉक्टर व माँ के समान होता हैं। वह विद्यार्थियों की कमजोरी को समझकर इसे दूर करता है। जीव विज्ञान प्रशिक्षण की नोडल अधिकारी विनीता ओझा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण निरीक्षण, परिक्षण, चिंतन तथा अन्वेषण की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन देती है। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर डॉ. हेमेंद्र वाला व जगदीश गोयल ने भी अपनी बात रखी।
शिक्षक कुसुम जैन, चेतना डांगे, महेंद्र प्रताप चंद्रावत, संगीता दीक्षित, प्रमोदिनी बोरासी, विभा राठौड़, रेखा पाटीदार ने बताया कि इस भ्रमण से एनाटॉमी, माइक्रोबायलॉजी, पैथालॉजी आदि विषयों को आसानी से समझने का अवसर मिला। प्रशिक्षण का मंगलवार को समापन हुआ। इस दौरान शिक्षकों को प्राचार्य द्वारा प्रशस्ति पत्र वितरित किए।

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