Logo
ब्रेकिंग
लोको पायलट ने मजदूर संघ कार्यालय में जताया आभार....पालनपुर से 40 लोको पायलट पुनः रतलाम मंडल स्थानांत... रतलाम में नवरात्रि महोत्सव 2026 की तैयारियां शुरू: श्री कालिका माता मंदिर में रील बनाने और फोटोग्राफ... मोदी जी के जन्मदिन पर भाजयुमो की 'जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा': रतलाम के ऋषभ दुबे कर रहे जिले का प... सीसीटीएस पदोन्नति सूची में धांधली के आरोपों के बाद रेलवे ने शुरू किया रिव्यू, डीलिंग क्लर्क पर चार्ज... पूर्वजों की स्मृति में रक्तदान....वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ का रक्तदान शिविर एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य श... आरपीएफ की सतर्कता काम आई.... वापी के नाराज बालक को परिजनों से मिलाया: परिजनों ने जताया आभार पुलिस का सायरन सुन भागे चोर, जाने के बाद फिर लौटे...राजबाग़ कॉलोनी के सूने मकान में कर दी चोरी कर्मचारी हितों की आवाज़ लेकर केंद्रीय मंत्री तक पहुँचा PRKP प्रतिनिधिमंडल...कई मुद्दों पर हुई चर्चा,... ऑफिस केबिनों में रील फ़साद, बड़े साहब तो विफर गए... नेताओं में दबी-छिपी खींचतान, एक दूसरे को निपटाने क... रतलाम रेल मंडल की कुमारी पूर्वा कोठारी को क्षेत्रीय राजभाषा वाक प्रतियोगिता में मिला तृतीय पुरस्कार,...

सीसीटीएस पदोन्नति सूची में धांधली के आरोपों के बाद रेलवे ने शुरू किया रिव्यू, डीलिंग क्लर्क पर चार्जशीट की मांग, नई सूची आज हो सकती जारी

​न्यूज़ जंक्शन-18

रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल अंतर्गत कमर्शियल विभाग में सीसीटीएस (कमर्शियल क्लर्क कम ट्रैफिक सुपरवाइजर) पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर उठे भारी विवाद के बाद अब रेलवे प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप और वरिष्ठ कर्मचारियों को बाहर किए जाने का मामला गरमाने के बाद अब फाइनल लिस्ट का पुनः रिव्यू (समीक्षा) किया जा रहा है।

​इधर, परीक्षा पास करने के बावजूद पदोन्नति सूची से बाहर किए गए सीसीटीएस कैडर के वरिष्ठ कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। प्रभावित कर्मचारियों ने इस पूरी प्रक्रिया के खिलाफ सीनियर डीपीओ से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया और न्याय न मिलने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने संबंधित गोपनीय विभाग के डीलिंग क्लर्क पर नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चार्जशीट देने की मांग की है।

​प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि जब 85 पद स्वीकृत थे और लिखित परीक्षा में 77 अभ्यर्थी पास हुए थे। तब केवल 69 उम्मीदवारों को ही फाइनल पैनल में क्यों शामिल किया गया? बाकी पात्र अभ्यर्थियों को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए प्रक्रिया से बाहर क्यों कर दिया गया?

​कर्मचारियों ने इसे प्रशासनिक अनियमितता करार देते हुए उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब रेलवे प्रशासन सूची का पुनरीक्षण कर रहा है, लेकिन कर्मचारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

​यह लगे हैं गंभीर आरोप

– ​DRM ऑफिस के कर्मचारियों को रेवड़ी: अभ्यर्थियों का आरोप है कि डीआरएम ऑफिस के कमर्शियल सेक्शन में पदस्थ कर्मचारियों को चयन प्रक्रिया में सीधा और अनुचित लाभ दिया गया।

– ​अंकों को छिपाना: फाइनल लिस्ट जारी होने के बावजूद उम्मीदवारों को प्राप्त अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, जिससे प्रशासनिक मंशा और पूरी प्रक्रिया पर गहरा संदेह पैदा हो रहा है।

– परिणाम रोकने में देरी: आरोप है कि लिखित परीक्षा संपन्न होने के बाद ढाई महीने तक परिणाम की लिस्ट को बेवजह दबाकर रखा गया, ताकि बाद में जोड़-तोड़ की जा सके।

– ​वरिष्ठता दरकिनार: उच्च वरिष्ठता और लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले वरिष्ठ कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जबकि उनसे जूनियर कर्मचारियों के नाम अंतिम सूची में शामिल कर दिए गए।

इस तरह चली ​चयन प्रक्रिया

– ​02 मार्च 2026 (अधिसूचना जारी): मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय द्वारा पत्र संख्या ET/1025/CCCTS/E-File687590 जारी कर 4200 ग्रेड पे के कुल 92 पदों पर पदोन्नति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए।

– ​10 मई 2026 (परीक्षा का आयोजन): निर्धारित पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई।

– ​03 जुलाई 2026 (लिखित परीक्षा परिणाम): पत्र संख्या ET/1025/ccts/E-office-687590 के तहत परिणाम घोषित हुआ, जिसमें 77 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में सफल घोषित किया गया।

– फाइनल पैनल जारी: रेलवे प्रशासन द्वारा जारी अंतिम सूची में कुल 85 स्वीकृत पदों की तुलना में केवल 69 उम्मीदवारों को ही जगह दी गई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.