चलती ट्रेन में हाई वॉल्टेज ड्रामा….बर्थ पाने आक्रोशित हुए लोको पायलट, टीटीई ने कहा-चार्ट आने दो, उसके बाद देंगे
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस (डीलक्स एक्सप्रेस) के एसी कोच में बर्थ पाने की बात को लेकर रेलवे के ही दो विभागों के कर्मचारी आपस में भिड़ गए। कोटा से एसी कोच में स्पेयर (ऑन-ड्यूटी यात्रा कर रहे) चढ़े लोको पायलट राजाराम कुमार और ट्रेन में तैनात टीटीई (TTE) जीएस भाटी के बीच बर्थ को लेकर विवाद और कहासुनी हो गई। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण रात के समय कोच में मौजूद यात्री काफी देर तक परेशान होते रहे। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोको पायलट ने टीटीई पर ट्रेन से धक्का देने का आरोप लगाया। जबकि रतलाम पहुंचे टीटीई ने लिखित में शिकायत की है कि लोको पायलट को स्वयं टीटीई की सीट पर जाने को कहा। लेकिन वे इस पर राजी न होते हंगामा करते रहे। गलत आरोप भी लगा रहे है।
लोको पायलट का आरोप-‘टीटीई ने कोच से धक्का देने की कोशिश की’:- घटना के बाद लोको पायलट राजाराम ने टीटीई पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। लोको पायलट के साथ लोको पायलट परमानंद गोचर व हेमराज भी थे। राजाराम का कहना था कि जब उन्होंने नियमानुसार बर्थ की मांग की। तब टीटीई ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ बहस शुरू कर दी। लोको पायलट ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि विवाद के दौरान टीटीई ने उन्हें एसी कोच से धक्का देने की कोशिश की।
टीटीई का पलटवार- ‘यात्रियों के पर्दे उठा-उठाकर चेक कर रहे थे लोको पायलट’:- दूसरी ओर रतलाम स्टेशन पहुंचने पर टीटीई जीएस भाटी ने इस मामले में अपनी ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अपना मजबूती से पक्ष रखा। टीटीई भाटी के मुताबिक, उन्होंने लोको पायलट को सम्मानपूर्वक 7 नंबर (टीटीई स्वयं की ) बर्थ पर बैठने के लिए कहा था। स्पष्ट किया था कि चार्ट आने पर ही बर्थ की वास्तविक उपलब्धता का पता चल सकेगा। इसके बाद ही वे खाली होने पर बर्थ दे सकेंगे।
इस पर लोको पायलट कोच में विवाद करने लगे। निर्धारित सीट पर बैठने के बजाय कोच में घूम-घूम कर सो रहे यात्रियों की बर्थ के पर्दे उठा-उठाकर चेक करने लगे। जिससे यात्रियों की गोपनीयता भंग हो रही थी। जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया, तो वे विवाद पर आमादा हो गए। बाद में इन्हें टॉयलेट एरिया में लाए। इस दौरान आरपीएफ भी मौजूद थी तथा आरपीएफ ने भी वीडियो बनाया। जिसमें पूरी सच्चाई है।
यात्री रहे परेशान, जांच में जुटा प्रशासन :- सफर के दौरान तीखी बहस और हंगामें से कोच का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सहयात्रियों को खासी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत के बाद रेलवे प्रशासन मामले की जांच कर रहा है कि गलती किसकी थी।
