

-जोन में पहले नंबर पर मजदूर संघ की रश्मि चौधरी और दूसरे पर वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन की संगीता देसाई ने जीत दर्ज की।
न्यूज़ जंक्शन-18
रतलाम। जेसीस बैंक डायरेक्टर चुनाव की रातभर चली जद्दोजहद भरी मतगणना के बाद गुरुवार को परिणाम घोषित किए गए। इसमें वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के अर्पित जैन व वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के सचिन मिश्रा विजयी हुए। वहीं मजदूर संघ की जोनल प्रत्याशी रश्मि चौधरी पहले और वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन की संगीता देसाई दूसरे नंबर पर रही।
बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के पीछे वाले एनेक्सी हॉल में सुबह 10 बजे बाद मतगणना की प्रकिया शुरू हुई। इसे लेकर कर्मचारियों में दिनभर चर्चाओं का दौर रहा तथा सभी नतीजों को लेकर कयास लगते रहे। मंडल कार्यालय के परिसर में संगठन के पदाधिकारी आंकड़ों के इंतज़ार में डटे रहे। रात 11 बजे तक महिला जोनल डायरेक्टर के दो पदों के वोटों की गिनती ही पूरी हुई। इनमें से एक पर वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की रश्मि चौधरी और दूसरे पर वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन की संगीता देसाई ने जीत दर्ज की। वहीं मंडल से खड़ी हुई वेरेएयू की नमिता कुमायूं तीसरे नंबर पर रही।
बता दें कि 22 दिसंबर को जेसीस बैंक की स्थानीय शाखा के लिए दो डायरेक्टर के साथ महिला जोनल डायरेक्टर के दो और एक एससी-एसटी डायरेक्टर पद के लिए भी वोटिंग हुई थी। कुल 77.85 प्रतिशत मतदान हुआ था। मंडल के 12 हजार 372 रेलकर्मियों में से 9632 ने वोट डाले थे।
सुबह 8 से रात 11 बजे तक की मतगणना में सिर्फ महिला जोनल डायरेक्टर के वोटों की गिनती पूरी हो पाई। इनमें पश्चिम रेलवे जोन के दस मंडलों में से रश्मि चौधरी को रतलाम मंडल के 3867 समेत 21559 वोट मिले। दूसरे नंबर पर वेरेएयू संगीता देसाई रही। उन्हें रतलाम मंडल के 2904 समेत 17249 वोट मिले। वेरेएयू की दूसरी जोनल प्रत्याशी नमिता कुमायूं 16886 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रही। नमिता को 3423 मत मिले।
दिन में उत्साह कम रात में रोचकता बढ़ी :- दिनभर जोनल उम्मीदवारों की मतगणना चलती रहने से रतलाम मंडल के अधिकांश कर्मचारियों में उत्साह कम दिखाई दिया। दरअसल जोनल महिला और एससी-एसटी डायरेक्टर की मतगणना पूरी होने के बाद रात लगभग 10.30 से 11 बजे के बीच डायरेक्टर के स्थानीय दो पदों की मतगणना प्रारंभ हुई। इसके बाद स्थानीय कर्मचारी सक्रिय हुए। इस दौरान दाहोद से बड़ी संख्या में कर्मचारी व संगठनों के पदाधिकारी रतलाम में आए थे। शाम तक मंडल डायरेक्टर के नतीजे न निकलने के अनुमान के चलते सभी रात रतलाम ही ठहर गए।
यूनियन के अर्पित जैन को मिले सर्वाधिक मत:- स्थानीय दो पदों के लिए मतगणना के बाद गुरुवार को तड़के नतीजे घोषित किए गए। इसमें वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के अर्पित जैन 3631 तथा वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के सचिन मिश्रा 2934 मतों से विजयी हुए। मजदूर संघ के राजेंद्र तीसरे नंबर तथा यूनियन के अशोक तिवारी चौथे स्थान पर रहे। पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद मान्यता चुनाव के विजयी इतिहास को दोहरा नहीं सकी। जबकि एसटीएससी एसोसिएशन के एसटी उमीदवार को बनिस्बत अच्छे वोट मिले। प्राप्त मतों में से 355 अमान्य हुए। वहीं अर्पित जैन की 3631, सचिन मिश्रा 2934, राजेंद्र चौधरी 2740, अशोक तिवारी 2737, मीना मुकेश 1515, मीना विश्वनाथ 1246, मौर्य अजय, 1147, अजय महाजन 843, मीना भगीरथ 287 तथा शिवदयाल को 143 मत प्राप्त हुए।

सभी संगठनों के पदाधिकारियों की कड़ी मेहनत:- जेसीस बैंक चुनाव में मान्यता प्राप्त सहित अन्य संगठनों के के आला पदाधिकारियों के नेतृत्व में खूब मेहनत की गई। यूनियन के मंडल मंत्री मनोहर बारठ, अध्यक्ष ह्रदेश पांडेय के साथ दोनों उम्मीदवारों ने कड़ी मेहनत की। पूर्व डायरेक्टर वाज़िद खान सहित टीम यूनियन ने मतों के लिए मंडल के सेक्शनों की खूब ख़ाक छानी। मजदूर संघ के लिए मंडल मंत्री अभिलाष नागर, मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह, सहायक मंडल मंत्री नरेंद्र सिंह सोलंकी के बीच पूर्व सहायक महामंत्री बीके गर्ग की भी जीत दिलाने में अहम भूमिका रही। इस चुनाव में भी मजदूर संघ ने सामूहिक एकता दिखाई। इसका उदाहरण है कि टिकिट की दौड़ में शामिल सहायक मंडल मंत्री गौरव दुबे ने बाद में संगठन के फैसले के अनुरूप अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में काम करने की अपील कर दी थी।
इधर, परिषद के उम्मीदवार के मीणा वीपी सिंह की भी मंडल में लहर रही। लेकिन यह दूसरी पंक्ति के पदाधिकारियों की निष्क्रियता के चलते वोट में तब्दील नहीं हो सकी। परिषद के उम्मीदवारों को जोनल संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा की छबि का जरूर लाभ मिला। लेकिन मंडलीय कैडर की लचर कार्यशैली के चलते हार का खामियाजा उठाना पड़ा। वहीं एसटी-एससी एसोसिएशन के पदाधिकारियों की चुनाव में सकारात्मक भूमिका रही। यहीं वजह है कि एसटी उम्मीदवार मुकेश मीणा को परिषद के उम्मीदवार वीपी सिंह से बेहतर वोट मिले।
मतगणना में यह मानी जा रही कमियां
-मतगणना के लिए प्रशासनिक टीम को ट्रेनिंग का अभाव दिखाई दिया।
– गणना के वक्त वोटों की जोनल, मंडल व उम्मीदवार की कैटिगिरी के मुताबिक छटाई के क्रम में कमी रही।
-जबकि राज्य सरकार द्वारा बैलेट पेपर आधारित पंचायत चुनाव में पर्याप्त ट्रेनिंग के चलते कम समय मे मतगणना पूरी कर ली जाती है।
– सुस्त काउंटिंग की यह स्थिति रतलाम मंडल सहित जोन स्तर पर भी देखी गई। देर शाम तक नतीजों की शुरुआत नहीं हो सकी।
-रेल प्रशासन द्वारा जेसीस बैंक चुनाव को रेलवे के बजाय सोसायटी के चुनाव तक सीमित रखा गया। यहीं वजह है कि अधिकारियों द्वारा ज्यादा रुचि नहीं दिखाई गई।
